पटना: राज्यपाल सैयद अता हसनैन और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को बिहार दिवस के अवसर पर राज्य की जनता को शुभकामनाएं दीं.
बिहार का आज 114वां स्थापना दिवस मनाया जा रहा है, जिसे ब्रिटिश भारत में बंगाल प्रेसीडेंसी से 22 मार्च, 1912 को अलग कर बनाया गया था.
राज्य सरकार ने तीन दिवसीय कार्यक्रम (22 से 24 मार्च) के तहत लोक संगीत, पारंपरिक नृत्य, सांस्कृतिक कार्यक्रम, बिहार के इतिहास और कला को प्रदर्शित करने वाली प्रदर्शनियों सहित कई कार्यक्रमों का आयोजन किया है.
लोक भवन द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, हसनैन ने बिहार दिवस के अवसर पर राज्य के सभी निवासियों और विश्व भर में रहने वाले बिहारी मूल के लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं व बधाई दी.
बयान में कहा गया कि उन्होंने सभी से राज्य और राष्ट्र के समग्र विकास में पूर्ण योगदान देने के अपने सामूहिक संकल्प को दोहराने का आह्वान किया, साथ ही बिहार की समृद्ध विरासत एवं गौरव को दृढ़ता से बनाए रखने की बात कही.
मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “बिहार का इतिहास गौरवशाली रहा है और अपने संकल्प के माध्यम से हम राज्य के लिए एक गौरवशाली भविष्य का निर्माण कर रहे हैं.”
कुमार ने राज्य के लोगों से समृद्ध बिहार के निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता को साकार करने का आह्वान किया.
उन्होंने कहा, “हम सब मिलकर बिहार को गौरव की नयी ऊंचाइयों पर ले जाएंगे.” उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से लोगों से एक ऐसे बिहार के निर्माण की दिशा में काम करने का आह्वान किया जो “आत्मनिर्भर, समृद्ध, अवसरों से भरपूर और राष्ट्र की प्रगति में सहायक” हो.
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि यह अवसर बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक परंपराओं और यहां से निकले महान व्यक्तित्वों के अमूल्य योगदान की याद दिलाता है.
श्री कृष्ण मेमोरियल हॉल में तीन दिवसीय कार्यक्रम के दौरान सोना महापात्र, शान, अंगराग महंत (पापोन), पंडित जगत नारायण पाठक, प्राची पल्लवी साहू और एन विजयलक्ष्मी सहित मशहूर हस्तियों तथा कलाकारों के प्रस्तुति देने की उम्मीद है.
गांधी मैदान में सांस्कृतिक मंडप, मिनी बिहार प्रदर्शनी, व्यंजन मेला (खाद्य मेला) और शिक्षा एवं पर्यटन मंडप बनाए जा रहे हैं.
रवीन्द्र भवन में भिखारी ठाकुर के ‘गबरघिचोर’ और ‘वैजयंती’ सहित प्रतिष्ठित नाट्य प्रस्तुतियां भी होंगी.
