(सागर कुलकर्णी)
वाशिंगटन, 19 मार्च (भाषा) अमेरिका में भारतीय राजदूत विनय क्वात्रा ने एक कार्यक्रम में कहा कि नागरिक परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय सहयोग की अपार संभावनाएं हैं। इस कार्यक्रम में अमेरिका के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
क्वात्रा ने ये टिप्पणियां बुधवार को भारतीय दूतावास द्वारा परमाणु ऊर्जा संस्थान (एनईआई) के सहयोग से आयोजित एक कार्यक्रम में कीं।
इस समारोह में ऊर्जा विभाग और विदेश विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में यह जानकारी दी।
‘शांति’ अधिनियम भारत की परमाणु व्यवस्था में अब तक का सबसे व्यापक सुधार है और इसके जरिए पूर्व के परमाणु ऊर्जा अधिनियम, 1962 और परमाणु क्षति के लिए नागरिक दायित्व अधिनियम, 2010 को निरस्त कर दिया गया है।
भारत का लक्ष्य निजी क्षेत्र की भागीदारी के माध्यम से 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु क्षमता हासिल करना है जो अभी 8.8 गीगावाट है। इससे स्वच्छ आधारभूत बिजली और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।
भाषा अविनाश नरेश
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