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Tuesday, 24 March, 2026
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बिजली क्षेत्र में अगले दो दशकों में 2,200 अरब डॉलर के निवेश की जरूरत: बिजली सचिव अग्रवाल

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नयी दिल्ली, 19 मार्च (भाषा) बिजली सचिव पंकज अग्रवाल ने बृहस्पतिवार को कहा कि देश को अगले दो दशकों में बिजली क्षेत्र में करीब 2,200 अरब डॉलर के निवेश की आवश्यकता होगी।

भारत ने 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा का लक्ष्य रखा है और 2034-35 तक कोयला आधारित तापीय बिजली उत्पादन क्षमता में 97 गीगावाट की वृद्धि का भी लक्ष्य तय किया है।

अग्रवाल ने ‘भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट’ 2026 को संबोधित करते हुए कहा कि भविष्य के ऊर्जा बदलाव के लिए बड़े पैमाने पर निवेश की जरूरत है और अगले दो दशकों में करीब 2,200 अरब डॉलर का निवेश आवश्यक होगा।

अधिकारी ने कहा कि भारत ने नवीकरणीय ऊर्जा समेत बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने और वितरण के क्षेत्र में काफी प्रगति की है।

उन्होंने कहा कि भारत के विद्युत क्षेत्र के विकास का अगला चरण सॉफ्टवेयर, नियामक ढांचे, बाजार संरचना, मूल्य निर्धारण तंत्र और संस्थागत नवाचार पर निर्भर करेगा।

अधिकारी ने कहा कि पीएम-कुसुम जैसी योजनाएं किसानों को निष्क्रिय उपभोक्ताओं से सक्रिय ऊर्जा उत्पादकों में बदल रही हैं। हालांकि, बड़ी मात्रा में नवीकरणीय ऊर्जा के एकीकरण के लिए नए दृष्टिकोणों की जरूरत होगी।

उन्होंने कहा कि समय-आधारित शुल्क, मांग प्रतिक्रिया, मजबूत उत्पादन एवं भंडारण समाधान इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

सचिव ने कहा कि भारत के बिजली क्षेत्र में उल्लेखनीय बदलाव हुआ है जो विभिन्न देशों के लिए महत्वपूर्ण सबक प्रस्तुत करता है।

अधिकतम मांग घाटा करीब चार प्रतिशत से घटकर नाममात्र रह गया है। स्थापित क्षमता दोगुनी से अधिक बढ़कर 520 गीगावॉट से अधिक हो गई है। नवीकरणीय ऊर्जा इस वृद्धि का मुख्य आधार रही है, विशेष रूप से 2016 के बाद से जब दरों में उल्लेखनीय गिरावट आई।

अग्रवाल ने कहा, ‘‘यह प्रगति संयोग से नहीं हुई है। इसे सुनियोजित नीतिगत ढांचे, मानकीकृत बोली प्रणाली, नवीकरणीय खरीद दायित्व एवं दूरदर्शी योजनाओं ने आगे बढ़ाया है जिससे लागत कम करते हुए बड़े पैमाने पर विस्तार संभव हुआ है। आज भारत न केवल अपनी घरेलू ऊर्जा जरूरतों को पूरा कर रहा है, बल्कि विनिर्माण एवं निर्यात केंद्र के रूप में भी उभर रहा है।’’

इससे पहले कार्यक्रम में केंद्रीय बिजली मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि भारत ‘वन सन, वन वर्ल्ड, वन ग्रिड’ नेटवर्क के तहत संयुक्त अरब अमीरात के साथ समुद्र के नीचे बिजली पारेषण केबल नेटवर्क लागू करने की योजना बना रहा है।

उन्होंने कहा कि यह ‘भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट’ का पहला आयोजन है और अब इसे हर दो वर्ष में आयोजित किया जाएगा।

केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा, ‘‘ हमारा इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं का उत्पादन 1.1 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 11.8 लाख करोड़ रुपये हो गया है जो छह गुना से अधिक वृद्धि है।’’

बिजली एवं नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपद नाइक ने कहा कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत एक करोड़ घरों के लक्ष्य में से 32 लाख घरों को सौर ऊर्जा से जोड़ा जा चुका है।

उन्होंने कहा, ‘‘ हमारी नवीकरणीय ऊर्जा यात्रा उल्लेखनीय रही है। 2014 में मात्र 2.8 गीगावाट सौर क्षमता से बढ़कर आज 143 गीगावाट से अधिक हो गई है जिससे भारत स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में वैश्विक अग्रणी देशों में शामिल हो गया है। अब हम क्षमता निर्माण से आगे बढ़कर एक समग्र प्रणाली की ओर बढ़ रहे हैं।’’

भाषा निहारिका रमण

रमण

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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