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Thursday, 19 March, 2026
होमफीचरक्या हुआ जब वकील सैफ महमूद के सामने हिंदू ओला ड्राइवर ने मुसलमानों पर हमले की शेखी बघारी

क्या हुआ जब वकील सैफ महमूद के सामने हिंदू ओला ड्राइवर ने मुसलमानों पर हमले की शेखी बघारी

यात्री सैफ़ महमूद ने बताया, 'उसने बड़े गर्व से एक घटना सुनाई, जिसमें उसने दावा किया कि उसने एक मुस्लिम यात्री की पिटाई की थी, क्योंकि वह उसकी गाड़ी में मांसाहारी खाना खा रहा था.'

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नई दिल्ली: दिल्ली में एक आम सी कैब राइड ऐसे बुरे अनुभव में बदल गई, जिसे सुप्रीम कोर्ट के एक वकील ने “सांप्रदायिक धमकी का एक भयानक अनुभव” बताया है. यह सब तब हुआ जब उनके ओला ड्राइवर ने कथित तौर पर मुस्लिम यात्रियों पर हिंसक हमला करने की डींगें मारीं और यात्रा के दौरान उन घटनाओं को “बड़े गर्व” के साथ सुनाया.

सैफ महमूद ने राइड-हेलिंग कंपनी के पास एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है. उन्होंने आरोप लगाया है कि ड्राइवर ने बार-बार ऐसी घटनाओं का ज़िक्र किया, जिनमें उसने दावा किया था कि उसने मुस्लिम यात्रियों पर हमला किया था. इनमें से एक घटना वह भी थी, जिसमें उसने बताया कि उसने एक आदमी को गाड़ी के अंदर नॉन-वेज खाना खाने के लिए पीटा था.

इस घटना को “बेहद चौंकाने वाला” बताते हुए, महमूद ने दिप्रिंट को बताया कि ड्राइवर की टिप्पणियां उनकी मुस्लिम पहचान के कारण उन्हें जान-बूझकर डराने-धमकाने की कोशिश थीं.

यह घटना 15 मार्च को हुई, जब महमूद ने ग्रेटर कैलाश-1 से मैक्स मुलर भवन तक जाने के लिए ओला बुक की थी. ड्राइवर—जिसका नाम ऐप पर “श्री राम” के तौर पर दिख रहा था—उन्हें असाइन किया गया.

महमूद के अनुसार, जो बातचीत शुरू में एक आम थी—क्योंकि वे दोनों ही उत्तर प्रदेश से थे—वह जल्द ही एक परेशान करने वाले मोड़ पर पहुंच गई. बातचीत राज्य सरकार और मुसलमानों के खिलाफ उसकी कार्रवाइयों पर चली गई, और फिर ड्राइवर द्वारा की गई हिंसा की कहानियों में बदल गई.

महमूद ने कहा, “उसने बड़े गर्व के साथ एक घटना सुनाना शुरू किया, जिसमें उसने दावा किया कि उसने एक मुस्लिम यात्री को बेरहमी से पीटा था, क्योंकि वह यात्री उसकी गाड़ी में नॉन-वेज खाना खा रहा था.”

ड्राइवर ने कथित तौर पर बताया कि कैसे वह सड़क किनारे एक ढाबे पर रुका और उस यात्री पर हमला कर दिया. उसने दावा किया कि वहां मौजूद दूसरे लोग भी “उस आदमी को पीटने और उसके पैर तोड़ने” में उसके साथ शामिल हो गए.

महमूद ने कहा, “ड्राइवर ने पूरी घटना को बड़े गर्व के साथ सुनाया, और हर कदम पर हिंसा का खुलेआम महिमामंडन किया.”

उन्होंने आगे दावा किया कि ड्राइवर ने नोएडा में भी इसी तरह की एक और घटना सुनाई, और फिर से यह इशारा किया कि पीड़ित एक मुस्लिम था. महमूद के अनुसार, “कई मौकों पर, ड्राइवर ने ऐसी टिप्पणियां कीं जिनसे यह साफ ज़ाहिर हो गया कि यह इस्लाम के प्रति नफ़रत का एक जान-बूझकर किया गया और लक्षित प्रदर्शन था.”

उन्होंने कहा, “वह खुलेआम हिंसा की घटनाओं को स्वीकार कर रहा था, और उस समय मुझे नहीं पता था कि वह सच बोल रहा है या नहीं. लेकिन उस बंद जगह के अंदर मुझे खुद को असुरक्षित और डरा हुआ महसूस हुआ.”

इस घटना को सिर्फ़ “अनुचित व्यवहार” से कहीं ज़्यादा बताते हुए, महमूद ने इसे एक गंभीर खतरा बताया.

उन्होंने आगे कहा, “ये कोई बेतरतीब या लापरवाही से की गई टिप्पणियां नहीं थीं… ड्राइवर द्वारा सांप्रदायिक हिंसा का लगातार महिमामंडन करना… डराने-धमकाने का एक गंभीर कृत्य है.” वकील ने इस बात पर भी चिंता जताई कि ये टिप्पणियां सीधे तौर पर उन्हीं को निशाना बनाकर की गई थीं. उन्होंने कहा, “यह देखते हुए कि बुकिंग के ज़रिए उनके पास मेरा पूरा नाम था, उनकी बातचीत का लहजा, विषय-वस्तु और तरीका साफ़ तौर पर मुझे मेरी मुस्लिम पहचान की वजह से डराने के लिए ही बनाया गया था.”

‘सांप्रदायिक हिंसा का महिमामंडन’

राइड के आखिर में, महमूद ने ड्राइवर को बताया कि वह एक वकील हैं और वह इस मामले को Ola तक पहुंचाएंगे.

उन्होंने कहा, “वह थोड़ा हैरान तो दिखे, लेकिन चुप ही रहे.”

अपनी बाद की शिकायत में, महमूद ने Ola से विस्तृत जवाब मांगा और कंपनी की समानता और यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ी नीतियों पर सवाल उठाए. उन्होंने पूछा कि क्या यह प्लेटफ़ॉर्म “अपने प्लेटफ़ॉर्म पर काम करने वाले ड्राइवरों द्वारा सांप्रदायिक नफ़रत फैलाने, इस्लामोफ़ोबिया और हिंसा के महिमामंडन को बढ़ावा देता है, बर्दाश्त करता है, या फिर जान-बूझकर नज़रअंदाज़ करता है.”

Ola ने जवाब देते हुए कहा कि ड्राइवर को सस्पेंड कर दिया गया है.

Ola ने महमूद को दिए अपने जवाब में कहा, “हमने संबंधित ड्राइवर को उसके असुरक्षित व्यवहार के कारण Ola प्लेटफ़ॉर्म से सस्पेंड कर दिया है. आपकी सुरक्षा हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है, और हम आपकी प्रतिक्रिया की सराहना करते हैं.” दिप्रिंट ने इस ईमेल बातचीत पर नजर डाली है.

हालांकि, महमूद कंपनी से मिले जवाब से संतुष्ट नहीं थे.

उन्होंने ड्राइवर के ख़िलाफ़ की जाने वाली कार्रवाई, कंपनी की भेदभाव-रहित नीतियों और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए किए गए सुरक्षा उपायों के बारे में स्पष्टता की मांग की है.

महमूद ने कंपनी को जवाब देने के लिए तीन दिन का समय दिया है. ऐसा न होने पर उन्होंने संकेत दिया है कि वह कानूनी रास्ता अपनाएंगे और इस मामले को संबंधित अधिकारियों और सार्वजनिक मंचों तक ले जाएंगे.

दिप्रिंट ने इस घटना और की गई कार्रवाई के संबंध में Ola से संपर्क किया है. जवाब मिलने के बाद इस रिपोर्ट को अपडेट कर दिया जाएगा.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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