नई दिल्ली: केंद्र सरकार जनगणना 2027 को दो चरणों में कराएगी. पहला चरण हाउसलिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना का होगा, जबकि दूसरा चरण जनसंख्या गणना का होगा. यह जानकारी गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने मंगलवार को दी.
मंत्री ने बताया कि पहले चरण के लिए सवाल पहले ही तय और अधिसूचित किए जा चुके हैं. दूसरे चरण के सवाल भी जल्द अंतिम रूप देकर जारी किए जाएंगे.
उन्होंने कहा कि पिछली जनगणनाओं की तरह इस बार भी दिव्यांगता से जुड़ा डेटा दूसरे चरण में ही जुटाया जाएगा.
राय ने बताया कि दूसरे चरण के सवाल तय होने के बाद विस्तृत दिशा-निर्देश और प्रशिक्षण सामग्री तैयार की जाएगी. इसके साथ ही गणना कार्य में लगे कर्मचारियों—जैसे एन्यूमरेटर और सुपरवाइजर—को ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी हो सके.
डेटा संग्रह के बारे में उन्होंने कहा कि एन्यूमरेटर घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगे. इसके अलावा, लोगों के लिए सेल्फ-एन्यूमरेशन की सुविधा भी दी जाएगी, जिसमें परिवार का कोई भी सदस्य ऑनलाइन पोर्टल पर खुद जानकारी भर सकेगा.
इस बीच, 11 मार्च को मणिपुर में ‘जस्ट एंड फेयर डिलिमिटेशन’ (JFD) के बैनर तले लोगों ने जनगणना प्रक्रिया के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. इंफाल के इमा मार्केट में हुए इस प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जिसके बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े. इस घटना में पांच प्रदर्शनकारियों के घायल होने की खबर है.
JFD के सहायक सचिव नाओरेम वांगांबा ने कहा कि संगठन “निष्पक्ष और न्यायसंगत जनगणना” और पारदर्शी परिसीमन प्रक्रिया की मांग कर रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि अवैध प्रवासियों की पहचान पूरी होने तक जनगणना को टाल दिया जाए.
