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Monday, 16 March, 2026
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‘999 दिन बाकी’: CM के 99-दिन के प्लान के बाद BJP का तेलंगाना में कांग्रेस सरकार के खिलाफ काउंटडाउन

पार्टी अध्यक्ष एन. रामचंदर राव ने कहा, बीजेपी ने पूरे राज्य में अभियान शुरू किया है, जिसमें कांग्रेस सरकार पर सत्ता में आने के 100 दिनों के भीतर 6 वादे पूरे न करने का आरोप लगाया गया है.

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हैदराबाद: तेलंगाना में राज्य पार्टी अध्यक्ष एन. रामचंदर राव ने दिप्रिंट से खास बातचीत में बताया कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने दिसंबर 2023 में सत्ता में आने के 100 दिनों के भीतर कांग्रेस सरकार द्वारा अपनी छह गारंटी लागू न करने को मुद्दा बनाते हुए पूरे राज्य में 999 दिनों का आक्रामक अभियान चलाने की योजना बनाई है.

पार्टी ने रविवार को ‘इगा सहिंचदु तेलंगाना’ पोस्टर (तेलंगाना अब और बर्दाश्त नहीं करेगा) जारी किया, जिससे 999 दिन के अभियान की शुरुआत हुई. यह 999 दिन का अभियान इस बात की गिनती करेगा कि राज्य में कांग्रेस के शासन के कितने दिन बाकी हैं.

राव ने कहा कि बीजेपी कार्यकर्ता मंडल स्तर से लेकर राज्य स्तर तक सार्वजनिक प्रदर्शन करेंगे और राज्य चुनाव के समय अपने घोषणापत्र में किए गए वादों को पूरा न करने के लिए सत्तारूढ़ पार्टी को घेरेंगे.

उन्होंने कहा, “हमारा इरादा लड़ाई लड़ने का है और अलग-अलग वर्गों से किए गए वादों को सामने लाना है और यह दिखाना है कि कांग्रेस सरकार उन्हें पूरा करने में कितनी असफल रही है. हर दिन हम गांव से लेकर राज्य स्तर तक संबंधित सरकारी विभागों को ज्ञापन देंगे और बेहतर शासन की मांग करेंगे.”

राव के दिमाग की उपज यह अभियान, तेलंगाना के शहरी स्थानीय निकायों में अपनी पकड़ बढ़ाने और 2028 के चुनाव से पहले माहौल बनाने की बीजेपी की बड़ी रणनीति का हिस्सा है.

बीजेपी नेताओं के मुताबिक, पार्टी फिर से खुद को प्रमुख विपक्षी आवाज के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रही है, क्योंकि 2023 में उसके पक्ष में बना राजनीतिक माहौल कांग्रेस के पास चला गया था.

बड़े राजनीतिक फायदे के लिए बीजेपी का 999 दिन का अभियान राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के उस निर्देश के अनुरूप है, जो उन्होंने फरवरी में राज्य दौरे के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं को दिया था, जब उन्होंने हाल ही में बीजेपी अध्यक्ष का पद संभाला था.

उन्होंने खास तौर पर नगर निकाय चुनावों को 2028 के तेलंगाना चुनाव में सत्ता हासिल करने की दिशा में पहला कदम बताया और हर स्तर के कार्यकर्ताओं से पार्टी के काम में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की.

बीजेपी के राज्य प्रवक्ता एन.वी. सुभाष ने दिप्रिंट से कहा, “हैदराबाद में बीजेपी पार्टी कार्यालय में एक टिकर लगाया गया है और यह अभियान कार्यकर्ताओं को भी 2028 में बीजेपी की सरकार बनाने के लिए प्रेरित करेगा. हर गुजरता दिन हमें याद दिलाएगा कि हमारे शासन में आने में कितने दिन बाकी हैं. आने वाले हफ्तों और महीनों में हम बुद्धिजीवियों और सिविल सोसाइटी के प्रभावशाली लोगों को भी गोलमेज बैठकों में शामिल करेंगे, ताकि तेलंगाना के विकास के लिए अपनी योजना पेश कर सकें.”

बीजेपी का यह अभियान मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी द्वारा 99 दिन के ‘प्रजा पालना प्रगति प्रनालिका’ कार्यक्रम शुरू करने के एक हफ्ते से थोड़ा ज्यादा समय बाद आया है. इसका उद्देश्य ग्रेटर हैदराबाद क्षेत्र में विकास परियोजनाओं पर ध्यान देना है. शहर क्षेत्र में 24,500 करोड़ रुपये की योजनाओं की घोषणा की गई है, जिनका उद्देश्य सड़क कनेक्टिविटी बेहतर करना और सफाई व शहरी सुविधाओं को बेहतर तरीके से लागू करना है.

6 मार्च को कलेक्टर सम्मेलन के बाद शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य कल्याण और नागरिक सेवाओं को लोगों के और करीब लाना भी है, यह बात पुलिस महानिदेशक बी. शिवधर रेड्डी ने मुख्य सचिव, प्रमुख सचिवों, कलेक्टरों और सभी राज्य विभागों के सचिवों के साथ समीक्षा बैठक में कही.

पार्टी के वादे

ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (GHMC) का चुनाव इस साल लगभग अगस्त में होने की उम्मीद है, इसलिए शहर में नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कई परियोजनाओं की घोषणा की गई है. हालांकि, बीजेपी और भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) ने कांग्रेस पर घोषणापत्र के वादे पूरे न करने को लेकर हमले तेज कर दिए हैं. बीआरएस ने पिछले साल के आखिर में ‘कांग्रेस ड्यूज कार्ड’ अभियान शुरू किया था, ताकि मतदाताओं को पूरे न हुए वादों के बारे में बताया जा सके.

तेलंगाना में कांग्रेस की छह गारंटी में महालक्ष्मी योजना शामिल है, जिसके तहत महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये, एलपीजी सिलेंडर 500 रुपये में और पूरे राज्य में आरटीसी बसों में मुफ्त यात्रा दी जानी है; रैतु भरोसा योजना, जिसके तहत किसानों और किरायेदार किसानों को प्रति एकड़ सालाना 15,000 रुपये, कृषि मजदूरों को 12,000 रुपये और धान की फसल पर प्रति क्विंटल 500 रुपये बोनस दिया जाना है; गृह ज्योति योजना, जिसके तहत सभी घरों को 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिलेगी; इंदिरम्मा इंदलु योजना, जिसके तहत बेघर लोगों को घर की जमीन और 5 लाख रुपये दिए जाएंगे; युवा विकासम योजना, जिसके तहत छात्रों को 5 लाख रुपये तक के विद्या भरोसा कार्ड दिए जाएंगे; और चेयुथा गारंटी, जिसके तहत वरिष्ठ नागरिकों और अन्य कमजोर वर्गों को हर महीने 4,000 रुपये पेंशन दी जाएगी.

इनके अलावा कांग्रेस के ‘अभय हस्तम’ घोषणापत्र में 22 अलग-अलग वर्गों के लिए खास योजनाओं की घोषणा की गई थी, जिनमें से अधिकतर को आधे-अधूरे तरीके से लागू किया गया माना जा रहा है.

खास क्षेत्रों के लिए अलग घोषणाएं भी की गई थीं, जिनमें वारंगल के किसानों, हैदराबाद के युवाओं, एससी-एसटी समुदाय, अल्पसंख्यकों और पिछड़े वर्गों के लिए वादे शामिल थे.

तेलंगाना में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के नेता अकबरुद्दीन ओवैसी ने भी पिछले हफ्ते कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि पार्टी मुस्लिम समुदाय से किए गए वादों की “अनदेखी” कर रही है.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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