नयी दिल्ली, 14 मार्च (भाषा) सरकार ने शनिवार को कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बावजूद देश में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है। सरकार ने स्पष्ट किया कि यूरिया और अन्य पोषक तत्वों का भंडार ”पर्याप्त से अधिक” है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत के अंतरराष्ट्रीय साझेदारों ने भी उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति का आश्वासन दिया है।
पश्चिम एशिया संकट से जुड़े घटनाक्रमों पर एक अंतर मंत्रालयी संवाददाता सम्मेलन में जायसवाल ने कहा, ”मैं आपको बता सकता हूं कि इस समय भारत के पास उर्वरकों का पर्याप्त भंडार है, विशेष रूप से आगामी खरीफ सत्र के लिए। हमारे पास यूरिया का भंडार पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में अधिक है।”
उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि भारत का डीएपी (डाइअमोनियम फॉस्फेट) भंडार 2025 की तुलना में दोगुना है, जबकि एनपीके (नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटेशियम) की स्थिति भी पिछले साल के मुकाबले काफी बेहतर है। उन्होंने विश्लेषकों से आग्रह किया कि वे तथ्यात्मक स्थिति को देखें और अधूरी जानकारी के आधार पर घबराहट न फैलाएं।
प्रवक्ता ने कहा कि वर्तमान घरेलू उत्पादन हमारी सामान्य खपत से अधिक है, क्योंकि रबी का मौसम अब समाप्ति की ओर है।
सरकार ने संयंत्रों का वार्षिक रखरखाव समय से पहले ही पूरा कर लिया है ताकि उपलब्ध गैस के साथ उत्पादन को अधिकतम किया जा सके। उन्होंने कहा कि उर्वरक विभाग ने समय रहते वैश्विक निविदाएं जारी की थीं, जिन्हें अच्छी प्रतिक्रिया मिली है और मार्च के अंत तक बड़ी मात्रा में आपूर्ति की उम्मीद है।
भाषा पाण्डेय
पाण्डेय
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
