नई दिल्ली: अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा है कि ईरान ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ को बंद नहीं किया है. हालांकि, पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति के कारण जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है, लेकिन कुछ जहाज अब भी इस रास्ते से गुजर रहे हैं.
उन्होंने कहा कि ईरान कभी नहीं चाहता था कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ को बंद किया जाए. “ईरान ने स्ट्रेट को बंद नहीं किया है. यह खुला है, लेकिन मौजूदा हालात और परिस्थितियों के कारण जहाज आसानी से नहीं गुजर पा रहे हैं. वरना ईरान कभी नहीं चाहता था कि इसे बंद या ब्लॉक किया जाए. कुछ जहाज अब भी गुजर रहे हैं.”
उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया के नेताओं को डॉनल्ड ट्रंप पर दबाव बनाना चाहिए ताकि वे ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध को रोकें.
इलाही ने कहा कि इस युद्ध की वजह से दुनिया भर के लोग तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण परेशान हो रहे हैं.
उन्होंने कहा, “जिन लोगों ने इस युद्ध की शुरुआत की है, उन्हें ही इसे खत्म करना चाहिए. दुनिया भर के लोग इस युद्ध से प्रभावित हो रहे हैं. दुनिया के नेताओं को एकजुट होकर अमेरिका के राष्ट्रपति पर दबाव डालना चाहिए कि इस अन्यायपूर्ण युद्ध को तुरंत रोका जाए.”
पश्चिम एशिया में मौजूदा संघर्ष 28 फरवरी से शुरू हुआ, जिसमें एक तरफ इज़रायल और अमेरिका हैं और दूसरी तरफ ईरान.
यह संघर्ष उस समय और बढ़ गया जब 86 वर्षीय ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की अमेरिका और इजरायल के संयुक्त सैन्य हमलों में मौत हो गई. इसके बाद जवाबी कार्रवाई में ईरान ने खाड़ी के कई देशों और इजरायल में अमेरिकी और इजरायली ठिकानों को निशाना बनाया, जिससे समुद्री मार्ग प्रभावित हुआ और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार तथा वैश्विक आर्थिक स्थिरता पर असर पड़ा. यह संघर्ष अब 13वें दिन में पहुंच चुका है.
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