नयी दिल्ली, 13 मार्च (भाषा) दिल्ली पुलिस ने संगठित ”यातायात धोखाधड़ी और जबरन वसूली गिरोह” के कथित सरगना समेत दो और सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही इस मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों की कुल संख्या 20 हो गई है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि आरोपी की पहचान जय भगवान (38) और शिवम शर्मा (26) के रूप में हुई है। दोनों कथित तौर पर एक ऐसे गिरोह का हिस्सा थे जो वाणिज्यिक वाहनों के चालकों को नकली स्टिकर या मार्का बेचता था जिससे उन्हें राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश निषेध के घंटों के दौरान प्रतिबंधों से बचने में मदद मिल सके।
पुलिस के अनुसार, ये स्टिकर परिवहन कारोबारियों और वाहन मालिकों को प्रति वाहन 2,000 रुपये से 5,000 रुपये प्रति माह की दर से बेचे जाते थे और इनका इस्तेमाल यातायात जांच और चालान से छूट का झूठा दावा करने के लिए किया जाता था।
यह भी आरोप है कि गिरोह ने प्रवर्तन अभियानों के दौरान यातायात पुलिस कर्मियों के वीडियो रिकॉर्ड किए और बाद में उन्हें संपादित करके सोशल मीडिया पर प्रसारित किया ताकि अधिकारियों पर प्रतिबंधित घंटों के दौरान वाहनों को गुजरने की अनुमति देने के लिए दबाव डाला जा सके।
संगठित यातायात धोखाधड़ी और जबरन वसूली से जुड़े दो मामलों की वर्तमान में जारी जांच के दौरान ये गिरफ्तारियां की गईं।
पुलिस ने बताया कि रिठाला निवासी जय भगवान को पांच मार्च को गिरफ्तार किया गया था। वह मूल रूप से हरियाणा के चरखी दादरी का रहने वाला है। उसकी पहचान व्यावसायिक वाहन चालकों और मालिकों को अवैध स्टिकर बेचने वाले गिरोहों में से एक के सरगना के रूप में हुई है।
छह मार्च को एक अलग अभियान में, उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद निवासी शिवम शर्मा को संगठित नेटवर्क के हिस्से के रूप मे परिवहन कारोबारियों और वाहन मालिकों को स्टिकर वितरित करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस के अनुसार, दिल्ली यातायात पुलिस कर्मियों की शिकायतों के बाद मामले दर्ज किए गए, जब हल्के और भारी मालवाहक वाहनों के कई चालकों ने जांच से बचने की कोशिश की और चालान से छूट का दावा करते हुए संदिग्ध स्टिकर या ‘की रिंग्स’ पेश किए।
तकनीकी निगरानी और जांच से एक संगठित गिरोह का पता चला जो चालकों को धोखा देने और यातायात पुलिस अधिकारियों पर दबाव डालने के लिए एक समानांतर प्रणाली चला रहा था।
इस अभियान के दौरान पुलिस ने धोखाधड़ी में इस्तेमाल किए गए 282 स्टिकर या ‘मार्का’, छह मोबाइल फोन और एक कार बरामद की।
पुलिस ने बताया कि जय भगवान पहले भी हत्या, डकैती और पुलिसकर्मियों से जबरन वसूली सहित चार आपराधिक मामलों में शामिल रहा है।
भाषा तान्या पवनेश
पवनेश
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