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Friday, 13 March, 2026
होमविदेशईरान में सुप्रीम लीडर मुजतबा की सुरक्षा में तैनात हुआ गुप्त बल—जानिए 'NOPO' की ताकत के बारे में

ईरान में सुप्रीम लीडर मुजतबा की सुरक्षा में तैनात हुआ गुप्त बल—जानिए ‘NOPO’ की ताकत के बारे में

निरूयेह विज़ेह पसदारन विलायत, या NOPO, एकमात्र ऐसी फ़ौज थी जिस पर अली खामेनेई को भरोसा था. इसकी स्थापना 1991 में हुई थी और इसे रिवोल्यूशनरी गार्ड्स से भी ज़्यादा खौफनाक माना जाता है.

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नई दिल्ली: जैसा कि ईरानी शासन सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की हत्या से हिल गया है, विपक्षी समूहों का मानना है कि तेहरान ने शायद उनके उत्तराधिकारी और बेटे, मुजतबा खामेनेई की सुरक्षा के लिए अपनी सबसे गुप्त और विशिष्ट सुरक्षा इकाई को तैनात किया है.

यह इकाई NOPO है—जो फ़ारसी में ‘निरूयेह विज़ेह पसदारन विलायत’ का संक्षिप्त रूप है, जिसका मोटे तौर पर अनुवाद “सुप्रीम लीडर की रक्षा के लिए विशेष बल” के रूप में किया जाता है.

एक अत्यंत विशिष्ट आतंकवाद-रोधी बल, NOPO को संभवतः 56 वर्षीय मुजतबा की जान बचाने का काम सौंपा गया है. उन्हें 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल द्वारा किए गए हमले के बाद से एक सुरक्षित, अज्ञात स्थान पर भेज दिया गया है. इस हमले में तेहरान के शीर्ष अधिकारियों के अन्य सदस्य भी मारे गए थे.

ईरान के राष्ट्रीय प्रतिरोध परिषद (NCRI) के अली सफ़वी ने इस सप्ताह की शुरुआत में फॉक्स न्यूज़ को बताया, “खामेनेई के जाने के बाद, अब NOPO संभवतः मुजतबा खामेनेई की सुरक्षा करेगा.” NCRI ईरानी विपक्षी समूहों का एक फ्रांस और अल्बानिया स्थित गठबंधन है, जो 1979 की क्रांति के बाद स्थापित इस्लामिक गणराज्य को उखाड़ फेंकना चाहता है.

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NOPO क्या है?

सफ़वी के अनुसार, 1991 में स्थापित NOPO, 28वीं रूहल्लाह डिवीजन—जिसका नाम ईरान के पहले सुप्रीम लीडर, अयातुल्ला रुहोल्लाह  खुमैनी के नाम पर रखा गया था—से विकसित होकर एक विशिष्ट बल बन गया, जो व्यापक इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) से अलग है.

एक रिपोर्ट के अनुसार, इसे विशेष इकाई कमान के तहत एक विशिष्ट दंगा-रोधी पुलिस दस्ते के रूप में वर्गीकृत किया गया है, लेकिन यह काफी गोपनीयता और परिष्कार के साथ काम करता है.

संरचनात्मक रूप से सुगठित, NOPO में छह ब्रिगेड शामिल हैं. सफ़वी ने बताया कि इनमें से चार तेहरान में स्थायी रूप से तैनात हैं ताकि त्वरित प्रतिक्रिया दी जा सके. शेष दो मशहद और इस्फ़हान में तैनात हैं.

सफ़वी ने कहा कि यह व्यवस्था बल को महत्वपूर्ण सरकारी बुनियादी ढांचे और अन्य उच्च-मूल्य वाले लक्ष्यों के चारों ओर एक निरंतर सुरक्षा घेरा बनाए रखने में सक्षम बनाती है. माना जाता है कि इस यूनिट को घरेलू अशांति की कई बड़ी घटनाओं के दौरान सक्रिय किया गया था: 1999 के छात्र विरोध प्रदर्शन, 2019 की अशांति, और 2023 में महसा अमीनी की हत्या के बाद हुए व्यापक विरोध प्रदर्शन. महसा अमीनी को ईरान की मोरालिटी पुलिस ने हिजाब कानूनों का कथित तौर पर उल्लंघन करने के आरोप में हिरासत में लिया था.

रिपोर्टों के अनुसार, तेहरान किसी भी विरोध प्रदर्शन को दबाने के लिए इस यूनिट को तैनात करता है, क्योंकि यह शासन के प्रति पूरी तरह से वफादार है.

घातकता और वफादारी

सफ़वी के अनुसार, NOPO को IRGC से भी ज़्यादा घातक, बेरहम और बेहतर प्रशिक्षित माना जाता है—जबकि IRGC खुद ईरान के सबसे ताकतवर सैन्य संस्थानों में से एक है.

उन्होंने बताया कि IRGC को इस्लामिक क्रांति को बाहरी और आंतरिक, दोनों तरह के खतरों से बचाने का काम सौंपा गया है, लेकिन NOPO को खास तौर पर बेहद जोखिम भरे हालात (high-stakes scenarios) के लिए तैयार किया गया है, जिसमें बंधकों को छुड़ाना और आंतरिक सुरक्षा खतरों को खत्म करना शामिल है.

इसी खासियत की वजह से यह ईरान के शीर्ष नेतृत्व के लिए सुरक्षा का सबसे पसंदीदा ज़रिया बन गया है. सफ़वी ने कहा, “खामेनेई अपनी सुरक्षा के लिए किसी दूसरी सुरक्षा बल पर भरोसा नहीं करते थे,” और आगे जोड़ा: “यह पूरी वफादारी उन गंभीर आंतरिक संघर्षों में एक अहम पहलू है, जहां शासन का अस्तित्व ही दांव पर लगा होता है.”

सफ़वी के अनुसार, अतीत में अली खामेनेई की सुरक्षा के लिए NOPO को तैनात किया जा चुका है. यह साफ नहीं है कि इस काम के लिए आमतौर पर किस बल को तैनात किया जाता है.

9 मार्च को मुजतबा खामेनेई को उनके पिता अली खामेनेई का उत्तराधिकारी घोषित किया गया. हालांकि वह अभी तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं, लेकिन सरकारी मीडिया को दिए गए एक बयान में उनके हवाले से कहा गया है कि ईरान अमेरिका, इज़राइल और उनके खाड़ी सहयोगियों के खिलाफ अपनी जवाबी सैन्य कार्रवाई जारी रखेगा.

‘द टाइम्स ऑफ़ इज़राइल’ ने रिपोर्ट दी है कि मुजतबा इस संघर्ष में घायल हो गए थे, और फिलहाल उनके सार्वजनिक रूप से सामने आने की संभावना कम है.

इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को इशारों-इशारों में यह साफ कर दिया कि तेल अवीव मुजतबा को निशाना बनाएगा.

उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “मैं किसी भी आतंकवादी संगठन के नेताओं के लिए जीवन बीमा पॉलिसी जारी नहीं करूँगा… मेरा यहाँ यह बताने का कोई इरादा नहीं है कि हम क्या योजना बना रहे हैं या हम क्या करने वाले हैं.”

अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने भी इस हफ़्ते दावा किया कि इस युद्ध ने ईरानी शासन को बुरी तरह से कमज़ोर कर दिया है. “उन्होंने अपनी नौसेना खो दी है. उन्होंने अपनी वायुसेना खो दी है. उनके पास विमान-रोधी कोई भी उपकरण नहीं है. उनके पास कोई रडार नहीं है. उनके नेता जा चुके हैं… और हम इससे भी बुरा कर सकते हैं,” उन्होंने कहा था.

ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि मुजतबा खामेनेई “शायद किसी न किसी रूप में जीवित हैं”, लेकिन उन्हें “नुकसान पहुंचा है”.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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