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Wednesday, 11 March, 2026
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दिल्ली हाईकोर्ट के वकील कैंटीन में LPG की कमी, मेन कोर्स परोसा जाना अस्थायी रूप से बंद

गैस सिलेंडर की आपूर्ति बाधित होने से किचन में मुख्य भोजन बनाना रुका, सैंडविच और सलाद जैसे हल्के खाद्य पदार्थ मिलते रहेंगे.

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नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट की वकील कैंटीन में एलपीजी गैस सिलेंडर की कमी के कारण मुख्य भोजन (मेन कोर्स) बनाना और परोसना फिलहाल अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है.

लॉयर्स कैंटीन के संदीप शर्मा की ओर से जारी एक नोटिस में बताया गया है कि एलपीजी गैस की आपूर्ति में कमी के कारण कैंटीन का किचन फिलहाल मुख्य भोजन तैयार करने में असमर्थ है. यह नोटिस अदालत के माननीय सचिव और सभी वकीलों को संबोधित किया गया है.

नोटिस में कहा गया है कि फिलहाल कैंटीन प्रबंधन को यह जानकारी नहीं है कि एलपीजी गैस की आपूर्ति कब बहाल होगी. गैस उपलब्ध होते ही मुख्य भोजन की तैयारी और सेवा फिर से शुरू कर दी जाएगी.

हालांकि कैंटीन प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि वे अन्य ऐसे खाद्य पदार्थ परोसते रहेंगे जिनके लिए एलपीजी पर खाना पकाने की जरूरत नहीं होती. इनमें सैंडविच, सलाद, फ्रूट चाट और इसी तरह के अन्य हल्के नाश्ते शामिल हैं.

कैंटीन प्रबंधन ने वकीलों और आने वाले लोगों को हो रही असुविधा के लिए खेद भी जताया और सामान्य सेवाएं बहाल होने तक सहयोग की अपील की है.

इधर पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच केंद्र सरकार ने 7 मार्च को घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी की थी. इसके बाद बिना सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमत दिल्ली में 913 रुपये, कोलकाता में 939 रुपये, मुंबई में 912 रुपये और चेन्नई में 928 रुपये हो गई है. अलग-अलग राज्यों में टैक्स के कारण कीमतों में फर्क है.

एलपीजी की कमी की आशंका के बीच उत्तर प्रदेश में भी लोग सुबह से ही गैस एजेंसियों के बाहर सिलेंडर लेने के लिए कतार में खड़े नजर आए.

एक ग्राहक अजय निषाद ने बताया कि यह तनावपूर्ण स्थिति पिछले लगभग दस दिनों से बनी हुई है और गैस एजेंसियों के बाहर करीब 400 से 500 लोग लाइन में लगे रहते हैं.

आपूर्ति में बाधा के बीच केंद्र सरकार ने घरेलू एलपीजी रिफिल के लिए नया 25 दिन का अंतराल भी अनिवार्य कर दिया है.

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने के कारण एलपीजी की कमी की स्थिति बनी है. इसके जवाब में केंद्र सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू करते हुए घरेलू एलपीजी आपूर्ति को प्राथमिकता दी है. इसके तहत घरों, अस्पतालों और जरूरी सेवाओं के लिए गैस की आपूर्ति को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि कई क्षेत्रों में व्यावसायिक आपूर्ति पर रोक या सीमा लगाई गई है.

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा है कि इस कानून के लागू होने के बाद प्राकृतिक गैस के वितरण के लिए स्पष्ट प्राथमिकता सूची तय की गई है, ताकि मौजूदा आपूर्ति संकट को संभाला जा सके. नए प्रावधान के तहत घरों के लिए पाइप्ड गैस और वाहनों के लिए सीएनजी की 100 प्रतिशत सुनिश्चित आपूर्ति रखी गई है, जबकि अन्य क्षेत्रों को उनके पिछले छह महीने के औसत उपयोग के आधार पर सीमित आपूर्ति दी जाएगी.

भारत आमतौर पर अपनी करीब 30 प्रतिशत प्राकृतिक गैस होरमुज जलडमरूमध्य के रास्ते प्राप्त करता है, और पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण लॉजिस्टिक चुनौतियां सामने आ रही हैं.


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