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Tuesday, 10 March, 2026
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छत्तीसगढ़: बलरामपुर में अफीम की अवैध खेती के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई

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बलरामपुर, 10 मार्च (भाषा) छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के एक गांव में दो एकड़ से अधिक भूमि पर अफीम की कथित अवैध खेती की सूचना मिलने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, जिले के कुसमी विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत त्रिपुरी के सरना टोली क्षेत्र में अफीम की संभावित अवैध खेती की सूचना मिलने पर जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची।

उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में लगभग दो एकड़ से अधिक भूमि पर अफीम की अवैध खेती किए जाने के संकेत मिले।

अधिकारी ने बताया कि संबंधित क्षेत्र को प्रशासन ने अपने कब्जे में लेकर आवश्यक जांच शुरू कर दी है और संबंधित एजेंसियों को भी सूचना दे दी गई है।

प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद हैं लेकिन शाम होने के कारण वैधानिक कार्रवाई बुधवार सुबह की जाएगी।

अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी गई है और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को रोकने के लिए पुलिस की रात्रिकालीन निगरानी भी सुनिश्चित की गई है।

उन्होंने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे की कार्रवाई स्वापक औषधि एवं मन: प्रभावी पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस) अधिनियम के प्रावधानों के तहत की जाएगी।

इससे पहले छह मार्च को पुलिस ने जिले के समोदा गांव के एक खेत में अफीम की अवैध खेती का पता लगाया था।

इस मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के स्थानीय नेता विनायक ताम्रकार के साथ विकास विश्नोई और मनीष ठाकुर के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया था।

पुलिस के अनुसार खेत से 62,424.4 किलोग्राम वजन के अफीम के पौधे जब्त किए गए थे, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 7.8 करोड़ रुपये आंकी गई है।

घटना के बाद सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने सात मार्च को ताम्रकार को पार्टी से निलंबित कर दिया था।

इस बीच, पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल ने इस मुद्दे को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए उपमुख्यमंत्री और गृह विभाग के प्रभारी विजय शर्मा के इस्तीफे की मांग की।

बघेल ने मंगलवार शाम को ‘एक्स’ पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें एक व्यक्ति स्वयं को उस गांव का सरपंच बताते हुए दावा करता दिखाई दे रहा है कि उसने जनवरी में ही अफीम की खेती के बारे में पुलिस और प्रशासन को सूचना दी थी लेकिन उस समय कोई कार्रवाई नहीं की गई।

बघेल ने पोस्ट में आरोप लगाया कि सूचना मिलने के बावजूद कार्रवाई नहीं होना गंभीर मामला है और इससे संकेत मिलता है कि प्रदेश में मादक पदार्थों का नेटवर्क सक्रिय है।

उन्होंने कहा कि अगर सरकार को नैतिकता का अहसास है तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

इससे पहले दिन में बघेल ने दुर्ग और बलरामपुर जिलों में कथित अफीम की अवैध खेती के मुद्दे पर विधानसभा में भी राज्य सरकार की आलोचना की थी।

भाषा सं संजीव जितेंद्र

जितेंद्र

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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