नयी दिल्ली, 10 मार्च (भाषा) शीतकालीन ओलंपिक में दो बार देश का प्रतिनिधित्व कर चुके आरिफ मोहम्मद खान ने खेल मंत्रालय से गुलमर्ग में स्कीइंग के लिए उचित बुनियादी ढांचा विकसित करने का आग्रह करते हुए कहा कि इससे भारतीय खिलाड़ियों को वैश्विक प्रतियोगिताओं के लिए प्रशिक्षण लेने का मौका मिलेगा और वे निकट भविष्य में एशियाई स्तर पर पदक जीतने का लक्ष्य रख सकेंगे।
इटली में हाल ही में संपन्न हुए शीतकालीन ओलंपिक में पुरुषों की स्लालोम स्पर्धा में देश के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले आरिफ ने कहा कि शीर्ष स्की खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने में मदद करने के लिए गुलमर्ग की कांगदूरी ढलानों पर कम से कम एक पूर्ण विकसित प्रशिक्षण सुविधा और एक लंबा प्रतिस्पर्धी सत्र होना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘हमें गुलमर्ग में कम से कम एक पूर्ण विकसित बुनियादी ढांचे की आवश्यकता है जो पूरे पांच महीने तक चल सके।’’
‘मिलानो-कोर्टिना खेलों’ में हाल ही में 39वें स्थान पर रहे आरिफ ने कहा कि भारतीय खिलाड़ियों को तैयार करने के लिए गुलमर्ग की कांगदूरी ढलानों पर प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धा के लिए ‘अप्रैल के अंत तक कम से कम पांच महीने’ के पूरे सत्र की जरूरत है।
आरिफ ने कहा, ‘‘मैं गारंटी दे सकता हूं कि हम 10-15 वर्षों में एशियाई स्तर पर शीर्ष पदक जीतेंगे।’’
आरिफ के प्रदर्शन ने किशोर रत्न राय के 1988 के कैलगरी शीतकालीन ओलंपिक में हासिल किए गए रिकॉर्ड को 10 पायदान से बेहतर किया था।
उन्होंने सरकार की प्रमुख शीतकालीन खेल पहल की भी सराहना की।
आरिफ ने कहा, ‘‘खेलो इंडिया शीतकालीन खेलों के छह सत्रों ने खिलाड़ियों को एक शानदार मंच प्रदान किया है, लेकिन अब हमें प्रमुख वैश्विक प्रतियोगिताओं में पदक जीतने के तरीकों पर ध्यान देना होगा।’’
आरिफ ने आगे कहा कि उनके प्रदर्शन ने भारत को ‘‘वैश्विक स्की मानचित्र पर’’ स्थापित करने में मदद की है।
उन्होंने कहा कि देश को अब शीतकालीन खेलों के बुनियादी ढांचे और सहायक प्रणालियों में रणनीतिक रूप से अधिक निवेश करने की आवश्यकता है।
खेलो इंडिया शीतकालीन खेलों की 2020 में शुरुआत के बाद सभी छह सत्र जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में आयोजित किए गए हैं, जबकि लद्दाख का लेह 2024 से कुछ स्पर्धाओं की मेजबानी कर रहा है।
खेल मंत्री मनसुख मांडविया पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि गुलमर्ग को वैश्विक शीतकालीन खेल गंतव्य के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से 2027 के खेलो इंडिया शीतकालीन खेलों का आयोजन 15 दिनों तक चलेगा।
भाषा आनन्द सुधीर
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