नई दिल्ली: पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) प्रमुख मेहबूबा मुफ्ती ने सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी में ईरानी सांस्कृतिक केंद्र और ईरान के दूतावास का दौरा कर ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई के निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित की. खामेनेई 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर किए गए हवाई हमलों में मारे गए थे.
मुफ्ती ने कहा कि वह ईरानी जनता के साथ एकजुटता व्यक्त करने और नेता को श्रद्धांजलि देने के लिए आई हैं, साथ ही ईरान में फंसे कश्मीरी छात्रों के मुद्दे को भी उठाया.
एक्स पर अपने पोस्ट में मुफ्ती ने लिखा, “दिल्ली के ईरानी सांस्कृतिक केंद्र और दूतावास का दौरा कर ईरान के लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएँ व्यक्त कीं और आयतुल्लाह अली खामेनेई के शहादत पर श्रद्धांजलि अर्पित की. साथ ही ईरान में फंसे कश्मीरी छात्रों का मुद्दा माननीय राजदूत के समक्ष रखा.”
मीडिया से बातचीत में मुफ्ती ने कहा कि उनका उद्देश्य ईरानी जनता के प्रति सहानुभूति और समर्थन व्यक्त करना था. उन्होंने कहा, “हम यहां ईरानी लोगों के साथ खड़े होने और उनके प्रियजनों के निधन पर संवेदनाएँ व्यक्त करने आए हैं. कश्मीरी लोग उनके साथ हैं और साहसी ईरानी जनता के साथ एकजुटता में खड़े हैं.”
उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान संघर्ष के दौरान ईरान के लिए प्रार्थनाएँ की जा रही हैं. मुफ्ती ने कहा, “हम इस युद्ध में उनके विजय की प्रार्थना कर रहे हैं क्योंकि ईरान अकेले एप्सटीन गैंग के खिलाफ लड़ रहा है. मैं ईरानी जनता के साहस और दृढ़ता को सलाम करने यहां आई हूं.”
इस बीच, वरिष्ठ भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने भी दूतावास का दौरा कर खामेनेई को श्रद्धांजलि दी और संवेदना पुस्तक पर हस्ताक्षर किए. नकवी ने कहा कि उन्होंने ईरानी नेतृत्व के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं और भारत के शांति समर्थक दृष्टिकोण को दोहराया.
उन्होंने कहा, “हम यहां ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह खामेनेई को श्रद्धांजलि देने आए हैं. पीएम नरेंद्र मोदी हमेशा कहते हैं कि समस्याओं का समाधान केवल संवाद और शांति के माध्यम से ही संभव है.”
