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Monday, 9 March, 2026
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ईडी अल फलाह चेयरमैन को दी गई अंतरिम जमानत को चुनौती देगी

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नयी दिल्ली, आठ मार्च (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) अल फलाह विश्वविद्यालय समूह के चेयरमैन जावद अहमद सिद्दीकी को स्थानीय अदालत द्वारा दी गई अंतरिम जमानत को चुनौती दे सकता है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

ईडी ने कहा है कि मामले के कई अन्य पहलुओं की जांच अब भी जारी है ऐसे में सिद्दीकी जांच को प्रभावित कर सकते हैं।

दिल्ली की एक अदालत ने शनिवार को 61 वर्षीय सिद्दीकी को धन शोधन के मामले में दो सप्ताह की अंतरिम जमानत दी थी।

सिद्दीकी पर फरीदाबाद स्थित शिक्षण संस्थान के विद्यार्थियों द्वारा दी गई फीस से अवैध धन जुटाने और कॉलेजों की मान्यता व प्रमाणन के बारे में गलत जानकारी देने का आरोप है।

ईडी ने सिद्दीकी को नवंबर 2025 में गिरफ्तार किया था और फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में हैं।

सिद्दीकी ने अपनी पत्नी की देखभाल के लिए अंतरिम जमानत के लिए अर्जी दी थी।

सिद्दीकी की पत्नी कैंसर से पीड़ित हैं और 12 मार्च को उनकी कीमोथेरेपी होनी है।

ईडी के अधिकारियों ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि एजेंसी जल्द दिल्ली उच्च न्यायालय में स्थानीय अदालत के आदेश को चुनौती देगी।

उन्होंने बताया कि स्थानीय अदालत ने सिद्दीकी को अंतरिम जमानत देते हुए एजेंसी की दलीलों पर ‘गंभीरता से विचार नहीं किया’ और पिछले साल 10 नवंबर को लाल किला के सामने हुए विस्फोट से संबंधित गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत सिद्दीकी के खिलाफ एक अन्य प्राथमिकी दर्ज है।

ईडी, आरोपपत्र में लगाए गए आरोपों के बारे में भी उच्च न्यायालय को सूचित कर सकती है कि राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) द्वारा गिरफ्तार किये गये दो चिकित्सकों सहित लाल किला क्षेत्र विस्फोट का कथित आत्मघाती हमलावर और अन्य विशेषज्ञों को बिना किसी पुलिस सत्यापन या जांच के अल फलाह मेडिकल कॉलेज में नियुक्त किया गया था।

ईडी का कहना है कि ये नियुक्तियां उस विश्वविद्यालय में हुईं, जिसका नियंत्रण सिद्दीकी के हाथों में था।

एजेंसी उच्च न्यायालय के समक्ष अपनी उन दलीलों को दोहराएगी, जो उसने स्थानीय न्यायालय में सिद्दीकी की अंतरिम जमानत रोकने की याचिका दायर करते हुए दी थी।

ईडी ने कहा था कि सिद्दीकी के पास ‘‘पर्याप्त वित्तीय क्षमता है और वह जांच को प्रभावित कर सकता है।’’

ईडी ने दिल्ली की अदालत को बताया कि उसे यह राहत नहीं दी जानी चाहिए क्योंकि मामले में ‘और भी पहलू’ से जांच की जा रही हैं, जो अब तक लंबित है।

जांच एजेंसी ने कहा कि सिद्दीकी गवाहों और मामले से जुड़े हितधारकों को प्रभावित कर सकता है।

अधिकारियों ने बताया कि वे उच्च न्यायालय को सूचित करेंगे कि सिद्दीकी की पत्नी पिछले कुछ साल से कैंसर का इलाज करा रही हैं और जब वह अपना बयान दर्ज कराने के लिए एजेंसी के समक्ष पेश हुई थीं तो उनके साथ कोई देखभाल करने वाला नहीं था तथा ये बात इस तथ्य को रेखांकित करती है कि सिद्दीकी की पत्नी की हालत ‘स्थिर’ है और उन्हें अपने पति के सहारे की आवश्यकता नहीं है।

दिल्ली की अदालत ने आदेश में कहा था कि संयुक्त अरब अमीरात में रहने वाले सिद्दीकी के तीन बच्चे अपनी परीक्षाओं और पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण अपनी मां की देखभाल के लिए नहीं आ सके।

ईडी के अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने तीनों बच्चों के यात्रा इतिहास का अध्ययन किया है, जिससे पता चलता है कि वे बहुत कम भारत आए और जब भी आए, तो बहुत कम समय के लिए ही रुके।

अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी ने दो बच्चों को पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन वे पेश नहीं हुए थे।

भाषा जितेंद्र सुरभि

सुरभि

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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