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Sunday, 8 March, 2026
होमदेशCBI ने बैंक धोखाधड़ी केस में अनिल अंबानी और रिलायंस कम्युनिकेशंस को आरोपी बनाते हुए FIR दर्ज की

CBI ने बैंक धोखाधड़ी केस में अनिल अंबानी और रिलायंस कम्युनिकेशंस को आरोपी बनाते हुए FIR दर्ज की

आरोप है कि आरोपियों ने 2013 से 2017 के बीच PNB और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया (जो अब PNB में विलय हो चुका है) के साथ धोखाधड़ी की, जिससे बैंकों को करीब 1,085.19 करोड़ रुपये का गलत नुकसान हुआ.

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नई दिल्ली: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने उद्योगपति अनिल अंबानी, उनकी कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड और इसकी पूर्व निदेशक मंजरी अशोक काकर के खिलाफ 1,085 करोड़ रुपये से अधिक के कथित बैंक धोखाधड़ी मामले में केस दर्ज किया है.

एजेंसी द्वारा 5 मार्च को दर्ज की गई FIR के अनुसार, यह मामला पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की शिकायत पर दर्ज किया गया है. यह शिकायत बैंक की मुंबई स्थित स्ट्रेस्ड एसेट्स मैनेजमेंट ब्रांच के चीफ मैनेजर संतोषकृष्ण अन्नावरपु ने दर्ज कराई थी.

FIR के मुताबिक, आरोप है कि आरोपियों ने 2013 से 2017 के बीच PNB और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया (जो अब PNB में विलय हो चुका है) के साथ धोखाधड़ी की, जिससे बैंकों को करीब 1,085.19 करोड़ रुपये का गलत नुकसान हुआ.

कथित नुकसान में PNB को 621.39 करोड़ रुपये और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया को 463.80 करोड़ रुपये का नुकसान शामिल है.

FIR में कहा गया है कि आरोपियों ने कथित रूप से आपराधिक साजिश रची और बेईमानी से बैंकों को रिलायंस कम्युनिकेशंस को क्रेडिट सुविधाएं मंजूर करने के लिए प्रेरित किया. जांचकर्ताओं को शक है कि लोन के पैसे को दूसरी जगह भेजा गया और गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया, जिससे कथित तौर पर आपराधिक विश्वासघात और गबन हुआ.

शिकायत के अनुसार, बाद में इन लोन खातों को 2017 में नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (NPA) घोषित कर दिया गया, क्योंकि उधार लेने वाली कंपनी कथित तौर पर वित्तीय अनुशासन बनाए रखने में असफल रही और लोन की शर्तों का उल्लंघन किया.

बैंक ने जांचकर्ताओं को यह भी बताया कि BDO इंडिया LLP द्वारा किए गए फोरेंसिक ऑडिट की रिपोर्ट के बाद फरवरी 2021 में इस खाते को फ्रॉड घोषित कर दिया गया. ऑडिट में कथित तौर पर बैंक के पैसे को दूसरी जगह भेजने और संबंधित पक्षों के साथ लेन-देन की बात सामने आई.

शिकायत के आधार पर CBI ने भारतीय दंड संहिता की धारा 120B (आपराधिक साजिश) और 420 (धोखाधड़ी) के तहत मामला दर्ज किया है, साथ ही भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं भी लगाई गई हैं. FIR में कुछ अज्ञात लोगों और अज्ञात सरकारी कर्मचारियों को भी आरोपी बनाया गया है.


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