कोलकाता, सात मार्च (भाषा) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को आरोप लगाया कि राज्य के नए राज्यपाल आर. एन. रवि ‘‘भाजपा के कार्यकर्ता’’ हैं। उन्होंने दावा किया कि सी. वी. आनंद बोस का लोक भवन से अचानक जाना केंद्र के दबाव का नतीजा था।
मतदाता सूचियों से नाम हटाए जाने के खिलाफ जारी अपने धरने के दौरान समर्थकों को संबोधित करते हुए बनर्जी ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले लोक भवन को एक राजनीतिक चौकी में बदलने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘क्या आपने देखा कि सी. वी. आनंद बोस को कैसे हटाया गया? मुझे सब पता है। उन्हें धमकाया गया था। वे लोक भवन से पैसे बांटना चाहते हैं। वे लोक भवन को भाजपा का पार्टी कार्यालय बनाना चाहते हैं। लेकिन दिल्ली की हर मनमानी को हर कोई स्वीकार नहीं करेगा।’’
कोई उदाहरण दिए बिना तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने तमिलनाडु में आर. एन. रवि के कार्यकाल पर भी सवाल उठाया और दावा किया कि राज्यपाल को उच्चतम न्यायालय की ‘‘कई टिप्पणियों’’ का सामना करना पड़ा था।
उन्होंने कहा, ‘‘जो व्यक्ति अब पश्चिम बंगाल आ रहा है, मैंने सुना है कि उसे उच्चतम न्यायालय से कई टिप्पणियां सुननी पड़ी थीं। वह भाजपा का कार्यकर्ता है। लेकिन याद रखिए, पश्चिम बंगाल एक अलग जगह है। आप तमिलनाडु में जो करना चाहते थे कर चुके होंगे, लेकिन यहां ऐसा नहीं कर पाएंगे।’’
भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर हमला तेज करते हुए मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि वह संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर कर रही है और राज्यपालों को उनका कार्यकाल पूरा नहीं करने दे रही है।
उन्होंने पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल रहे और बाद में उपराष्ट्रपति बने जगदीप धनखड़ के संदर्भ में कहा, ‘‘केंद्र किसी को भी अपना कार्यकाल पूरा नहीं करने दे रहा। आपने यही काम जगदीप धनखड़ के साथ भी किया।’’
बनर्जी ने कहा कि केंद्र में सत्ता में बैठे लोग ‘‘मोहम्मद बिन तुगलक से भी बदतर’’ तरीके से व्यवहार कर रहे हैं।
भारतीय राजनीतिक विमर्श में यह वाक्यांश अक्सर मनमानी या शासन से संबंधित विचित्र फैसलों के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप हमें धमकाने की कोशिश करेंगे, तो हम सुनिश्चित करेंगे कि केंद्र में भाजपा सरकार गिर जाए।’’
बनर्जी की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब इस सप्ताह की शुरुआत में सी. वी. आनंद बोस के अचानक इस्तीफे से राज्य में नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब निर्वाचन आयोग जल्द ही पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा कर सकता है।
बृहस्पतिवार शाम एक नाटकीय घटनाक्रम में बोस ने नयी दिल्ली में अपने पद से इस्तीफा दे दिया, जिससे राज्य में राजनीतिक अटकलें तेज हो गईं।
इस्तीफे के तुरंत बाद बनर्जी ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें बताया था कि तमिलनाडु के राज्यपाल आर. एन. रवि पश्चिम बंगाल के नए राज्यपाल का पद संभालेंगे।
बहरहाल, रवि ने अभी तक पद नहीं संभाला है।
बनर्जी की ताजा टिप्पणी यह भी संकेत देती है कि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस आगामी चुनावों को ‘‘पश्चिम बंगाल की स्वायत्तता की रक्षा’’ की लड़ाई के रूप में पेश करने की कोशिश कर रही है। पार्टी पहले भी पिछले चुनावों में इस तरह के राजनीतिक विमर्श का इस्तेमाल करती रही है।
भाषा गोला नेत्रपाल
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