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Saturday, 7 March, 2026
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नूंहः पुलिस ने फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दे वसूली करने वाले भाई-बहन को गिरफ्तार किया

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गुरुग्राम, छह मार्च (भाषा) नूंह पुलिस ने भाई-बहन द्वारा संचालित एक ‘ब्लैकमेलिंग’ गिरोह का भंडाफोड़ किया है। दोनों ने कथित तौर पर एक स्थानीय निवासी को फर्जी बलात्कार के मामले में फंसाने की धमकी देकर पांच लाख रुपये वसूलने की कोशिश की थी। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने भाई-बहन को बृहस्पतिवार को बतौर पहली किश्त 75,000 रुपये लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया।

पुलिस के मुताबिक, अड़बर गांव के रहने वाले पीड़ित शोएब ने आरोप लगाया कि उसकी मुश्किलें पिछले साल शुरू हुईं। वह टपकन गांव में एक स्कूल के पास अपनी कार में इंतजार कर रह था। तभी एक महिला ने बेहद जरूरी फोन करने के नाम पर गुहार लगाते हुए उससे मोबाइल फोन मांगा और उसे लेकर फरार हो गई।

शिकायत के अनुसार, महिला ने चोरी किए गए फोन का इस्तेमाल शोएब के दूसरे नंबर पर संपर्क करने के लिए किया। शोएब द्वारा फोन वापस करने की गुहार को नजरअदांज करते हुए महिला ने उस पर मिलने का दबाव डाला।

शोएब ने आरोप लगाया, ‘चार फरवरी को महिला ने दावा किया कि वह उसके (शोएब के) घर आ रही है। अनहोनी का आशंका से डरकर मैं उससे मिलने के लिए सौंख गांव चला गया। वहां अचानक उसका भाई आया और मेरे साथ मारपीट की। दोनों ने धमकी दी कि अगर मैंने उन्हें पांच लाख रुपये नहीं दिए तो वे मेरे खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज करा देंगे।’

शोएब ने कहा कि उसकी मुश्किल एक मार्च को तब और बढ़ गईं जब महिला ने कथित तौर पर फोन कर उसे पांच दिन का अल्टीमेटम दिया। शोएब ने ये बातचीत रिकॉर्ड कर ली और पुलिस से संपर्क किया।

शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने नल्हड़-सौंख रोड पर एक टाइल कंपनी के पास जाल बिछाया। शिकायतकर्ता के भाई को चारा के रूप में इस्तेमाल किया और आरोपी को 75,000 रुपये के विशेष अंकन वाले नोट दिए। इशारा मिलते ही पुलिस हरकत में आई और भाई-बहन को नकदी के साथ मौके से ही गिरफ्तार कर लिया।

नूंह पुलिस के प्रवक्ता ने कहा, ‘दोनों के खिलाफ सदर नूंह पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया था। दोनों को आज एक स्थानीय अदालत में पेश किया गया। महिला को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि उसके भाई को जमानत दे दी गई है।’

भाषा तान्या पवनेश

पवनेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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