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Thursday, 5 March, 2026
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अमित शाह की मौजूदगी में नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए नामांकन भरा

नीतीश कुमार की इस घोषणा के बाद विपक्ष की ओर से प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं. विपक्ष ने एक बार फिर आरोप लगाया कि बीजेपी उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटाने की तैयारी कर रही है.

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पटना: बिहार की राजनीति में गुरुवार को बड़ा बदलाव देखने को मिला, जब मौजूदा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में राज्यसभा के लिए अपना नामांकन दाखिल किया.

नीतीश कुमार के अलावा एनडीए के अन्य उम्मीदवारों उपेंद्र कुशवाहा और बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन ने भी राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल किया.

बिहार के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नीतीश कुमार ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि वह इस बार राज्यसभा जाएंगे और मौजूदा चुनाव में नामांकन दाखिल करेंगे. 75 वर्षीय नीतीश कुमार ने यह भी कहा कि बनने वाली नई कैबिनेट को उनका पूरा समर्थन रहेगा.

नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “मैं इस बार होने वाले चुनाव में राज्यसभा का सदस्य बनने का प्रयास कर रहा हूं. मैं पूरी ईमानदारी से आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि भविष्य में भी आपसे मेरा रिश्ता बना रहेगा और विकसित बिहार बनाने के लिए साथ मिलकर काम करने का मेरा संकल्प अटल रहेगा. बनने वाली नई सरकार को मेरा पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलेगा.”

नीतीश कुमार की इस घोषणा के बाद विपक्ष की ओर से प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं. विपक्ष ने एक बार फिर आरोप लगाया कि बीजेपी उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटाने की तैयारी कर रही है.

राजद नेता तेजस्वी यादव ने गुरुवार को बीजेपी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि नीतीश कुमार के राज्यसभा नामांकन ने उनके “हाइजैक” वाले आरोप को सही साबित कर दिया है.

तेजस्वी यादव ने कहा कि बीजेपी ने अपने चुनावी नारे ‘2025 से 30 फिर से नीतीश’ के बावजूद नीतीश कुमार के साथ “तरकीबें” अपनाईं.

उन्होंने कहा, “सब जानते हैं कि बिहार चुनाव में एनडीए ने नारा दिया था ‘2025 से 30 फिर से नीतीश’. बीजेपी और उसके सहयोगी दल जानते हैं कि चुनाव कैसे कराए गए—तरकीबों, तंत्र-मंत्र और पूरे सिस्टम का इस्तेमाल करके. तब भी हमने कहा था कि बीजेपी ने नीतीश कुमार को ‘हाइजैक’ कर लिया है और उन्हें दोबारा कुर्सी पर नहीं बैठने देगी. हमने कहा था कि वह छह महीने से ज्यादा कुर्सी पर नहीं रहेंगे.”

तेजस्वी यादव ने आगे कहा कि नीतीश कुमार का केंद्र की राजनीति में जाना बिहार के लोगों की भावनाओं के खिलाफ है.

उन्होंने कहा, “बीजेपी का इतिहास रहा है कि वह अपने सहयोगियों को खत्म कर देती है. बीजेपी ओबीसी, दलित और आदिवासी विरोधी पार्टी है. उन्हें बिहार में ऐसा नेता नहीं चाहिए जो ओबीसी या दलितों की बात करे, बल्कि उन्हें ‘रबर स्टांप मुख्यमंत्री’ चाहिए. जो सत्ता परिवर्तन हो रहा है, वह जनता की भावनाओं के खिलाफ है. लोग बीजेपी के चरित्र और उसकी चालों को जानते हैं.”

तेजस्वी यादव ने कहा कि उनकी पार्टी ने भी नीतीश कुमार के साथ काम किया है, हालांकि ज्यादातर समय वे विपक्ष में रहे. उन्होंने कहा, “28 जनवरी 2024 को जब जेडीयू ने हमारा साथ छोड़ा था, तब भी हमने कहा था कि बीजेपी उन्हें खत्म कर देगी. हमें उनके लिए सहानुभूति है और बिहार के लिए उनके काम के लिए हम उनका धन्यवाद भी करना चाहते हैं.”

पत्रकारों से बात करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा, “मैं हमेशा कहता था कि ‘नीतीश जी को घोड़ा तो चढ़ाया है दूल्हा बनाकर, लेकिन फेरा किसी और के साथ दिला रहा है’.

बीजेपी ने पूरी तरह से नीतीश कुमार को हाइजैक कर लिया है. नीतीश कुमार ने कहा है कि वह राज्यसभा जाना चाहते हैं. हम शुरुआत से ही कह रहे थे कि चुनाव के बाद बीजेपी उन्हें मुख्यमंत्री पद पर नहीं रहने देगी. आज वह बात सच साबित हो गई.”


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