नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने उच्च शिक्षा संस्थानों में विदेशी छात्रों की वार्षिक संख्या को 2030 तक दो लाख तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है. शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि वर्तमान में भारत में हर साल करीब 50,000 विदेशी छात्र आते हैं.
सरकारी अधिकारी ने बताया कि इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए ‘स्टडी इन इंडिया’ पहल के तहत आउटरीच बढ़ाई गई है और विश्वविद्यालयों व राज्यों के साथ मिलकर काम किया जा रहा है. अधिकारी ने कहा, “हम चाहते हैं कि 2030 तक हर साल दो लाख अंतरराष्ट्रीय छात्र भारत में पढ़ाई करें. इसके लिए पिछले छह से सात महीनों में विशेष प्रयास किए जा रहे हैं.”
अधिकारियों ने यह भी कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय समेत केंद्रीय और राज्य विश्वविद्यालयों के साथ बातचीत जारी है ताकि छात्रों के लिए पर्याप्त हॉस्टल और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें. “हॉस्टल और छात्र सहायता सिस्टम मजबूत होना चाहिए. ये छात्र राज्य विश्वविद्यालयों में भी दाखिला लेंगे, इसलिए राज्यों के साथ भी चर्चा की जा रही है,” अधिकारी ने बताया.
विदेशी विश्वविद्यालयों को भारत में कैंपस स्थापित करने और अंतरराष्ट्रीय छात्रों को भर्ती करने की अनुमति भी दी जाएगी. ‘स्टडी इन इंडिया’ टीम अब कई देशों में स्टेकहोल्डर्स से संपर्क करने की योजना बना रही है ताकि अधिक छात्रों को आकर्षित किया जा सके.
इस मुद्दे पर जनवरी में आयोजित मुख्य सचिव सम्मेलन में भी चर्चा हुई थी. राज्यों की भूमिका अहम होगी क्योंकि कई छात्र राज्य विश्वविद्यालयों में दाखिला लेंगे.
सरकार ने दिसंबर में राज्यसभा को बताया था कि वर्तमान में भारत में करीब 200 देशों से 72,218 विदेशी छात्र अध्ययनरत हैं. शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजुमदार ने प्रश्नकाल के दौरान कहा था कि केंद्र सरकार विदेशी विश्वविद्यालयों और छात्रों के साथ जुड़ाव बढ़ाने के लिए विभिन्न कदम उठा रही है.
