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Wednesday, 1 April, 2026
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खामेनेई के मारे जाने की अब्दुल्ला ने निंदा की, कहा-अमेरिका-इजराइल को यह अधिकार किसने दिया

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जम्मू, तीन मार्च (भाषा) जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या की निंदा की। अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर के लोगों से संयम बरतने और भावनाओं को खुद पर हावी न होने देने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने लोगों से उनके गुस्से और दुख को कानूनी दायरे में रह कर शांतिपूर्ण तरीके से व्यक्त करने का आह्वान किया।

अब्दुल्ला ने पत्रकारों से कहा, ‘‘ईरान के लोगों को बिना किसी बाहरी हस्तक्षेप के अपने नेतृत्व का फैसला खुद करना चाहिए। मैं खामेनेई और उनके परिवार के मारे जाने की कड़ी निंदा करता हूं। किस कानून ने अमेरिका और इजराइल को ऐसा करने का अधिकार दिया। मैं जम्मू-कश्मीर के लोगों से भी आग्रह करता हूं कि वे (यहां) स्थिति को बिगड़ने न दें।’’

खामेनेई की मृत्यु के बाद घाटी में फैली हालिया हिंसा का जिक्र करते हुए अब्दुल्ला ने कहा कि यदि पुलिस या केंद्रीय अर्धसैनिक बलों द्वारा बल का अत्यधिक प्रयोग या दुरुपयोग किया गया तो इसके परिणामस्वरूप चोटें आएंगी, लोगों की तीव्र भावनाओं को समझा जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मैं जम्मू-कश्मीर के लोगों से अनुरोध करता हूं कि वे (यहां) स्थिति को बिगड़ने न दें। कुछ लोग माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं और कुछ जगहों से घटनाओं की खबरें आ रही हैं। मैं नहीं चाहता कि पुलिस या केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को यहां बल प्रयोग करना पड़े और लोग घायल हों या, ईश्वर न करे, किसी की जान चली जाए। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण होगा।’’

उन्होंने माना कि वह जनता की भावनाओं को समझते हैं। उन्होंने कहा, “मैं उनकी भावनाओं को समझ सकता हूं, क्योंकि ऐसा नहीं हो सकता कि किसी को गुस्सा ना आए। लेकिन ऐसी परिस्थितियों में, भावनाओं पर नियंत्रण रखना सबसे महत्वपूर्ण है।’’

उन्होंने समुदाय और धार्मिक नेताओं से शांति बनाए रखने के लिए लोगों का मार्गदर्शन करने की अपील की।

उन्होंने कहा, ‘‘आपको अपना गुस्सा, नाराजगी और आस्था व्यक्त करने का पूरा अधिकार है, लेकिन आपको कानून का ध्यान रखना चाहिए। कृपया कानून को अपने हाथ में न लें।’’

उन्होंने कहा कि सोमवार से कुछ स्थानों से पत्थरबाजी की घटनाएं सामने आई हैं और एक मामले में पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) पर हमला करने का प्रयास किया गया।

उन्होंने कहा, ‘‘ऐसी घटनाओं के कारण सरकार को कड़े कदम उठाने पड़ रहे हैं। हमारा प्रयास रहेगा कि लोगों को जल्द से जल्द शांतिपूर्ण तरीके से अपनी गतिविधियां करने की स्वतंत्रता मिले।’’

ईरान में भारतीयों की स्थिति के बारे में अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू कश्मीर सरकार विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर काम कर रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘ईरान में मौजूद हमारे अधिकतर छात्रों और अन्य लोगों को सुरक्षित क्षेत्रों में पहुंचा दिया गया है। हमारे अंतिम वर्ष के कुछ छात्र जो अस्पतालों में हैं, वे वहां से निकलने को तैयार नहीं थे।’’

उन्होंने इजराइल, अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा, ‘‘ईरान पर इजराइल और अमेरिका का हमला गलत है। लेकिन ईरान की प्रतिक्रिया, जिसमें उसने यूएई, सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देशों को निशाना बनाया, वह भी गलत है। युद्ध रुकने के बजाय और फैल रहा है।’’

अब्दुल्ला ने क्षेत्र में तनाव का भी जिक्र किया और बताया कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान पहले से ही संघर्ष में उलझे हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं है।’’ उन्होंने कहा कि अगर किसी देश के लोग अपनी सरकार से नाखुश हैं, तो यह एक अलग आंतरिक मामला है।

भाषा संतोष रंजन

रंजन

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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