नयी दिल्ली, दो मार्च (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी के कम से कम तीन बैंकों और छह स्कूलों को सोमवार को ईमेल के जरिए बम की धमकियां मिलीं, जिन्हें गहन जांच के बाद फर्जी घोषित कर दिया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) ने बताया कि संस्थानों को उनके परिसर में विस्फोटक सामग्री होने की सूचना देने वाले ईमेल प्राप्त होने के बाद सुबह लगभग 8.20 बजे इस बाबत कॉल आने शुरू हो गए।
जिन बैंकों को धमकियां मिलीं उनमें कनॉट प्लेस स्थित एक्सिस बैंक की शाखा, भारतीय स्टेट बैंक की एम्स शाखा और पूर्वी दिल्ली के शाहदरा स्थित एसबीआई की शाखा शामिल हैं।
जिन छह स्कूलों को इसी तरह के ईमेल प्राप्त हुए उनमें दिल्ली कैंट का आर्मी पब्लिक स्कूल, सलवान पब्लिक स्कूल, सरदार पटेल विद्यालय, जनकपुरी का मीरा पब्लिक स्कूल, राजेंद्र नगर का रामजस पब्लिक स्कूल और रबिया गर्ल्स पब्लिक स्कूल शामिल हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘स्थानीय पुलिस, बम निरोधक दल, श्वान दस्ते और दमकल विभाग की टीमों को तुरंत सभी स्थानों पर भेजा गया। हर कोने की गहन जांच की गई। कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला और बाद में सभी कॉल को फर्जी घोषित कर दिया गया।’
स्कूल परिसर में प्रशासन द्वारा ईमेल देखे जाने के तुरंत बाद एहतियात के तौर पर छात्रों और कर्मचारियों को बाहर निकाल लिया गया। अभिभावकों को सूचित कर दिया गया और उनसे नहीं घबराने का अनुरोध किया गया, जबकि सुरक्षा एजेंसियों ने परिसर में तलाशी शुरू कर दी।
अभिभावकों को भेजे गए एक संदेश में सरदार पटेल विद्यालय ने बताया कि सुबह स्कूल को धमकी मिली थी और आवश्यक सुरक्षा उपाय करने के लिए पुलिस टीमें परिसर में मौजूद है। विद्यालय ने यह भी बताया कि सभी छात्रों को सुरक्षित परिसर से बाहर निकाल लिया गया है।
संदेश में कहा गया है कि परिसर को सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद जूनियर स्कूल के छात्रों के लिए कक्षाएं फिर से शुरू हो जाएंगी, जबकि वरिष्ठ कक्षाओं के छात्रों की परीक्षाएं सुरक्षा एजेंसियों से मंजूरी मिलने के बाद फिर से शुरू होंगी।
सभी प्रभावित स्कूलों और बैंक शाखाओं में पुलिस कर्मियों को कक्षाओं, गलियारों, प्रशासनिक भवनों, पार्किंग क्षेत्रों और आसपास के परिसरों का विस्तृत निरीक्षण करते देखा गया। मानक संचालन प्रक्रिया के तहत खोजी कुत्तों और बम निरोधक दस्तों को तैनात किया गया था।
इन घटनाओं के कारण अभिभावकों के माथे पर चिंता की शिकन आ गई। कई माता-पिता ने बताया कि उन्हें स्कूल समूह में संदेश आने लगे, जिनमें कहा गया कि स्कूलों को खाली करा लिया गया है और कुछ समय बाद फिर से कक्षाएं शुरू हो सकती हैं।
एक छात्र के अभिभावक ने कहा, ‘हमें अचानक अभिभावक समूह में संदेश आने लगे कि कोई खतरा है और बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है। यह बहुत डरावना था। हम यह देखने के लिए स्कूल पहुंचे कि सब ठीक है या नहीं।’
एक अन्य अभिभावक ने कहा कि इस तरह की घटनाएं बार-बार हो रही हैं और अनावश्यक दहशत पैदा कर रही हैं।
उन्होंने कहा, “ बच्चे डर जाते हैं और उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है। दिल्ली पुलिस को अनावश्यक भय फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।’
उन्होंने कहा कि भले ही यह धमकियां फर्जी साबित हो जाए, लेकिन माता-पिता के मन में डर तो वास्तविक है। अधिकारियों को दोषियों की जल्द से जल्द पहचान करनी चाहिए ताकि यह एक नियमित समस्या न बन जाए।
पुलिस ने कहा कि ईमेल कहां से भेजे गए, इसका पता लगाने और जिम्मेदार लोगों की पहचान करने के लिए जांच जारी है। आईपी एड्रेस और डिजिटल रिकॉर्ड का पता लगाने के लिए साइबर टीमों को भी लगाया गया है।
ये घटनाएं ऐसे समय में सामने आई हैं जब त्योहारों से पहले शहर भर में पहले से ही हाई अलर्ट है।
भाषा नोमान नोमान माधव
माधव
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