बड़वानी (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार को बड़वानी जिले के निमाड़ क्षेत्र के नागलवाड़ी में कृषि कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता की. उन्होंने घोषणा की कि घोषित किसान कल्याण वर्ष 2026 के दौरान प्रदेश के हर क्षेत्र में कैबिनेट बैठकें आयोजित की जाएंगी.
नागलवाड़ी में आयोजित पहली कृषि कैबिनेट बैठक से पहले मंत्रियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बैठक से पूरे मालवा क्षेत्र के साथ-साथ निमाड़ क्षेत्र को भी लाभ मिलेगा.
मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि पिछले वर्ष महेश्वर में अहिल्या बाई होल्कर की 300वीं जयंती के अवसर पर कैबिनेट बैठक आयोजित की गई थी.
आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान कल्याण वर्ष में राज्य सरकार कृषि, उद्यानिकी, सहकारिता और मत्स्य पालन से जुड़े 17 विभागों को समन्वित रूप से कार्य करने के लिए एकीकृत कर रही है. उन्होंने नर्मदा नदी के किनारे मत्स्य पालन की संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मछली पालन को बढ़ावा देने और मछुआरों के कल्याण के लिए केंद्र सरकार की योजनाओं को शामिल करते हुए नई मत्स्य नीति लाई जाएगी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि के साथ-साथ पशुपालन और संबद्ध क्षेत्रों में भी सरकार बेहतर स्थिति हासिल करने के प्रयास कर रही है, खासकर मत्स्य उत्पादन में.
उन्होंने कहा कि बड़वानी-निमाड़ का आदिवासी क्षेत्र पहले सूखा प्रभावित था और यहां से पलायन होता था, लेकिन नर्मदा जल आपूर्ति और सिंचाई परियोजनाओं के लागू होने के बाद स्थिति बदल गई है. सिंचाई क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे कृषि में नए अवसर पैदा हुए हैं.
नर्मदा घाटी क्षेत्र में हो रहे बेहतर कृषि प्रयोगों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंचाई की उपलब्धता से सामान्य तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आई है.
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी पर्व भगोरिया को राज्य उत्सव के रूप में मनाया जा रहा है.
