हैदराबाद, एक मार्च (भाषा) ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने ईरान पर अमेरिका और इजराइल के संयुक्त सैन्य हमलों की निंदा करते हुए रविवार को उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार युद्ध को रोकने में भूमिका निभाएगी।
हैदराबाद के सांसद ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की ‘‘हत्या’’ को ‘‘अनैतिक और गैर-कानूनी कृत्य’’ करार दिया।
इजराइल और अमेरिका द्वारा किए गए एक बड़े हमले में खामेनेई की मौत हो गई।
उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय अस्थिरता रोकने के लिए ईरान पर हमले तुरंत बंद होने चाहिए।
ओवैसी ने यह भी कहा कि इस क्षेत्र में एक करोड़ भारतीय काम करते हैं।
उन्होंने यहां पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा, “हमें उम्मीद है कि भारत सरकार और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस युद्ध को रोकने में अहम भूमिका निभाएंगे। युद्ध समाप्त होना चाहिए। अगर यह युद्ध फैला तो भारी उथल-पुथल, अनिश्चितता और अस्थिरता फैल जाएगी।”
एआईएमआईएम नेता ने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू ने रमजान के महीने में ईरान पर संयुक्त रूप से हमला किया।
उन्होंने कहा, “हम ईरान पर हुए हमले की निंदा करते हैं।”
एआईएमआईएम प्रमुख ने चेतावनी दी कि खामेनेई जैसे सम्मानित व्यक्ति को निशाना बनाने का जवाब जरूर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा, “वह (खामेनेई) शिया समुदाय के एक सम्मानित नेता थे और अगर आप उन्हें निशाना बनाते हैं, तो ईरानी चुप नहीं बैठेंगे।”
ओवैसी ने जिनेवा में हुई ईरान-अमेरिका वार्ता का जिक्र करते हुए कहा कि वार्ता के ‘‘सफल’’ होने के बावजूद यह हमला हुआ।
उन्होंने कहा, “जब वार्ता सफल थी तब अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हमला किया और 86 वर्षीय व्यक्ति (खामेनेई) की हत्या कर दी।”
एआईएमआईएम प्रमुख ने इसे ‘‘ईरान के लोगों पर कायरतापूर्ण, अमानवीय और अनैतिक हमला’’ करार दिया।
उन्होंने पूछा, “स्कूली बच्चे मारे गए। तथाकथित पश्चिमी मानवता कहां है?”
ओवैसी ने चेतावनी दी कि तेल की कीमतों में एक अमेरिकी डॉलर की भी वृद्धि का भारतीय अर्थव्यवस्था पर भारी प्रभाव पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि उमरा करने गए सैकड़ों भारतीयों समेत दुनियाभर के लोग उड़ानें रद्द होने के कारण मक्का और मदीना में फंसे हुए हैं।
हैदराबाद के सांसद ने कहा कि दुबई हवाई अड्डे और सऊदी अरब या ओमान के कई अन्य हवाई अड्डों पर भी सैकड़ों लोग फंसे हुए हैं।
उन्होंने 2003 में अमेरिका द्वारा इराक पर किए गए आक्रमण और लीबिया व सीरिया में जारी गृहयुद्धों का हवाला देते हुए कहा, “दुनिया देख रही है कि सूडान में अब क्या हो रहा है।”
ओवैसी ने ईरान को एक विशाल देश बताते हुए कहा कि इन उपायों से उस देश में सत्ता परिवर्तन नहीं होगा।
उन्होंने कहा, “ईरान के लोग पिछले 35 वर्षों से प्रतिबंधों के अधीन जी रहे हैं। मुझे नहीं लगता कि ऐसा होगा।”
ओवैसी ने कहा कि अगर इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ईरान में सत्ता परिवर्तन का प्रयास करते हैं, तो यह संभव नहीं होगा।
एआईएमआईएम प्रमुख ने कहा कि ईरान पर इजराइल का हमला और अफगानिस्तान पर पाकिस्तान का हमला यह दर्शाता है कि इजराइल एवं पाकिस्तान अपने-अपने पड़ोस में ‘‘आक्रामकता एवं उपद्रव’’ की ताकतें हैं।
शनिवार को अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर एक बड़ा हमला किया, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी जनता से अपने भाग्य की बागडोर अपने हाथों में लेने और 1979 से उनके देश पर शासन कर रहे इस्लामी नेतृत्व के खिलाफ विद्रोह करने का आह्वान किया।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी जनता से राज्य की सत्ता की बागडोर अपने हाथों में लेने और 1979 से उनके देश पर शासन कर रहे इस्लामी नेतृत्व के खिलाफ विद्रोह करने का आह्वान किया था।
भाषा जितेंद्र नेत्रपाल
नेत्रपाल
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