फरीदाबाद, 28 फरवरी (भाषा) हरियाणा के फरीदाबाद की एक अदालत ने 2020 में निकिता तोमर की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे तौसीफ और उसके माता-पिता को हत्या से दो साल पहले निकिता का अपहरण किए जाने के आरोपों से बरी कर दिया।
तौसीफ ने हरियाणा के बल्लभगढ़ स्थित कॉलेज के बाहर 26 अक्टूबर, 2020 को 20 वर्षीय निकिता की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
तौसीफ, शादी से इनकार करने पर निकिता से नाराज था।
निकिता की हत्या से दो साल पहले दो अगस्त, 2018 को तौसीफ और उसके माता-पिता पर निकिता के अपहरण का आरोप लगा था।
बल्लभगढ़ पुलिस ने निकिता के पिता मूलचंद की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की थी।
हालांकि बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो जाने के बाद मामला बंद कर दिया गया था लेकिन दो साल बाद निकिता की गोली मारकर हत्या किए जाने के बाद पुलिस ने मामले को फिर से खोल दिया था।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अजय शर्मा ने तौसीफ और उसके माता-पिता को अपहरण के आरोप से बरी कर दिया।
उनके वकील अनवर खान ने बताया कि उनके मुवक्किल को इसलिए बरी किया गया क्योंकि पुलिस उनके खिलाफ अपहरण के सबूत पेश करने में विफल रही।
भाषा जितेंद्र सिम्मी
सिम्मी
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