कोलकाता, 28 फरवरी (भाषा) नोबेल पुरस्कार से सम्मानित अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन का नाम पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद की मतदाता सूची में आया है और उनकी स्थिति ‘अनिवासी भारतीय’ के रूप में दर्ज की गई है। यह जानकारी निर्वाचन आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को दी।
यह घटनाक्रम तब सामने आया जब निर्वाचन आयोग ने एसआईआर प्रक्रिया के तहत अर्थशास्त्री के शांतिनिकेतन स्थित आवास पर सुनवाई का नोटिस दिया था, जिसके बाद राजनीतिक और शैक्षणिक हलकों में व्यापक बहस छिड़ गई थी।
इस घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए, निर्वाचन आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “प्रोफेसर अमर्त्य सेन का नाम एसआईआर सूची में शामिल किया गया है। सुनवाई प्रक्रिया के दौरान आवश्यक दस्तावेजों की पड़ताल की गई और तदनुसार उनका नाम शामिल किया गया।”
अर्थशास्त्री सेन को सुनवाई का नोटिस भेजे जाने के बाद, निर्वाचन आयोग के अधिकारी सुनवाई की औपचारिकताएं पूरी करने के लिए सेन के शांतिनिकेतन स्थित आवास गए। नोबेल पुरस्कार विजेता उस समय विदेश में थे।
इस प्रक्रिया के दौरान अधिकारियों को कई दस्तावेज सौंपे गए, जिनमें 2002 की मतदाता सूची की प्रति, सेन का पासपोर्ट और आधार कार्ड, साथ ही उनकी माता अमिता सेन का मृत्यु प्रमाण पत्र शामिल था।
सेन परिवार के एक मित्र ने कहा, “सुनवाई के दौरान अधिकारियों को आवश्यक दस्तावेज सौंपे गए थे। परिवार में इस बात को लेकर काफी चिंता थी कि उनका नाम अंततः मतदाता सूची में रहेगा या नहीं।”
हालांकि, अंतिम एसआईआर सूची के प्रकाशन से, जिसमें उनका नाम शामिल होने की पुष्टि हुई, परिवार के सदस्यों और करीबी सहयोगियों को राहत मिली है।
परिवार के मित्र ने कहा, “हमें राहत मिली है कि उनका नाम अंतिम सूची में शामिल हो गया है।”
भाषा अमित सिम्मी
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