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Saturday, 28 February, 2026
होमखेलपहली बार रणजी चैंपियन बनने के बाद जम्मू में जश्न का माहौल

पहली बार रणजी चैंपियन बनने के बाद जम्मू में जश्न का माहौल

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जम्मू, 28 फरवरी (भाषा) जम्मू-कश्मीर ने अपना पहला रणजी ट्रॉफी खिताब जीतकर इतिहास रच दिया जिसके बाद इस केन्द्र शासित प्रदेश में जश्न का माहौल छा गया।

जम्मू और टीम से खिलाड़ियों से जुड़े अन्य स्थानों पर लोगों ने आतिशबाजी और ढोल की थाप पर नाचने के साथ मिठाइयां बांट कर खुशी का इजहार किया।

जम्मू-कश्मीर ने फाइनल में आठ बार की चैंपियन कर्नाटक को हराकर भारतीय घरेलू क्रिकेट में असाधारण दृढ़ता का परिचय दिया। यह एक ऐसा सत्र था जिसमें उन्होंने मजबूत और खिताब की दावेदार टीमों को आत्मविश्वास और संयम के साथ मात दी।

इस ऐतिहासिक जीत के तुरंत बाद जम्मू स्थिति जम्मू-कश्मीर क्रिकेट संघ एसोसिएशन के मुख्यालय जश्न का माहौल छा गया। संघ के सदस्यों और खिलाड़ियों ने ढोल की थाप पर नाचने के साथ पटाखे फोड़कर जश्न मनाया। सभी ने इस उपलब्धि को केंद्र शासित प्रदेश के लिए गौरव का क्षण बताया।

जेकेसीए के पदाधिकारी राजेश धर ने पीटीआई से कहा, ‘‘इस जीत को शब्दों में कैसे बयां करे? यह अविश्वसनीय है। मानो सपना साकार हो गया हो। इसका श्रेय खिलाड़ियों, प्रशासन और हमारे अध्यक्ष मिथुन मन्हास के मार्गदर्शन को जाता है।

धर ने याद दिलाया कि मन्हास ने 2021 में कहा था कि वह खुद को तभी सफल मानेंगे जब जम्मू-कश्मीर रणजी ट्रॉफी जीतेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘वह दृढ़ संकल्प साफ दिख रहा था। हमने क्वार्टर फाइनल में मध्य प्रदेश, सेमीफाइनल में बंगाल को उनके घर में मात दी और फिर फाइनल में कर्नाटक को परास्त किया।’’

फाइनल मैच की दूसरी पारी में नाबाद शतक जड़ने वाले सहिल लोत्रा और अन्य खिलाड़ियों के घर भी जश्न का माहौल दिखा। लोत्रा ​​की 226 गेंदों की नाबाद पारी में 101 रन बनाये। यह उनके प्रथम श्रेणी क्रिकेट का पहला शतक है।

विकेटकीपर कन्हैया वधावन के पिता सतीश वधावन ने इस जीत को ऐतिहासिक बताया।

उन्होंने कहा, ‘‘यह मेरे और जम्मू-कश्मीर के लिए गर्व का क्षण है। कप्तान पारस डोगरा ने टीम में एकता बनाए रखी और कोचिंग स्टाफ शानदार था।’’

कन्हैया की मां, बिंदू वधावन ने कहा कि खिलाड़ियों की मेहनत रंग लाई। उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने इतिहास रच दिया है।’’

पूर्व भारतीय क्रिकेटरों ने भी टीम को बधाई दी। बाएं हाथ के पूर्व बल्लेबाज सुरेश रैना ने इसे ‘‘भारतीय घरेलू क्रिकेट के लिए गौरव का क्षण’ बताया, तो वहीं क्रिकेटर से राजनेता बने यूसुफ पठान ने जीत को बेहद प्रेरणादायक बताते हुए जम्मू-कश्मीर क्रिकेट में अपने भाई इरफान पठान द्वारा निभाई गई मार्गदर्शक भूमिका को याद किया। ’’

जम्मू-कश्मीर क्रिकेट संघ के सदस्य ब्रिगेडियर अनिल गुप्ता ने कहा कि यह जीत उन सभी के लिए ‘सपना सच होने जैसा’ है जिन्होंने इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत की।

पूर्व रणजी खिलाड़ी राजा सलीम ने भी इस उपलब्धि को ऐतिहासिक बताते हुए आशा व्यक्त की कि यह जीत युवाओं को प्रेरित करेगी।

जम्मू-कश्मीर पुलिस और क्षेत्र की कई महिला क्रिकेटरों ने भी टीम को बधाई देते हुए कहा कि उम्मीदें बहुत थीं और चैंपियन टीम ने पूरे केंद्र शासित प्रदेश को गौरवान्वित किया है।

भाषा आनन्द नमिता

नमिता

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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