नई दिल्ली: इज़राइल ने कहा है कि उसने शनिवार को ईरान के खिलाफ “प्री-एम्प्टिव अटैक” किया है.
एक बयान में रक्षा मंत्री इज़राइल काट्ज़ ने कहा, “इज़राइल राज्य ने अपने ऊपर मंडरा रहे खतरों को खत्म करने के लिए ईरान के खिलाफ पहले हमला किया है.”
यह हमला जून में दोनों देशों के बीच 12 दिन चले हवाई युद्ध के बाद हुआ है. इससे पहले अमेरिका और इज़राइल कई बार चेतावनी दे चुके थे कि अगर तेहरान अपने परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को आगे बढ़ाता रहा, तो वे कार्रवाई करेंगे. ईरानी मीडिया ने शनिवार को तेहरान में धमाकों की आवाज सुने जाने की खबर दी. यह स्थिति क्षेत्र को फिर से खुले संघर्ष की ओर धकेल सकती है और पश्चिम के साथ ईरान के लंबे समय से चल रहे परमाणु विवाद के कूटनीतिक समाधान की संभावना को और कम कर सकती है.
अमेरिका और ईरान ने फरवरी में बातचीत फिर से शुरू की थी, ताकि इस विवाद को कूटनीति के जरिए सुलझाया जा सके और ऐसे सैन्य टकराव से बचा जा सके जो पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर सकता है.
इसी बीच, इज़राइली डिफेंस फोर्सेज ने देश को “एसेंशियल एक्टिविटी” स्थिति में डाल दिया है. यह एक सिविल डिफेंस व्यवस्था है, जिसके तहत स्कूल बंद हो जाते हैं, सार्वजनिक जमावड़ों पर रोक लगती है और कार्यस्थलों को सिर्फ जरूरी सेवाओं तक सीमित किया जाता है. साथ ही लोगों को सुरक्षित स्थानों के पास रहने का निर्देश दिया गया है.
इज़राइल डिफेंस फोर्सेज ने कहा कि होम फ्रंट कमांड गाइडलाइंस में ये बदलाव तुरंत लागू होंगे और आधिकारिक चैनलों पर जारी किए जाएंगे. यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया गया है, ताकि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के दौरान जरूरी सेवाएं चलती रहें.
साथ ही पूरे देश में सायरन और मोबाइल अलर्ट जारी किए गए हैं, जिनमें संभावित मिसाइल हमले की चेतावनी दी गई है. यह कदम तेहरान पर हमले के बाद ईरान की तरफ से तेज जवाबी कार्रवाई की आशंका को दर्शाता है.
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