कानपुर (उप्र), 28 फरवरी (भाषा) कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर 36 घंटे के भीतर दूसरी बार बम की धमकी मिलने के बाद शुक्रवार शाम को रेलवे स्टेशन पर व्यापक सुरक्षा अभियान चलाया गया। हालांकि गहन तलाशी के बाद कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
पुलिस उपायुक्त (पूर्व) सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि शाम करीब सात बजे 112 नियंत्रण कक्ष पर एक आपातकालीन फोन आया, जिसमें चेतावनी दी गई थी कि रेलवे स्टेशन को उड़ा दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि अलर्ट मिलने के बाद भारी संख्या में पुलिस बल, बम निरोधक दस्ता (बीडीएस), एंटी सबोटाज टीम और श्वान दस्ते के साथ पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तत्काल स्टेशन पहुंचे और उच्च सुरक्षा जांच शुरू की गई।
पुलिस और सुरक्षा टीम ने किसी भी खतरे से बचने के लिए सभी प्लेटफार्म, यात्रियों की आवाजाही वाले क्षेत्रों, विश्राम कक्ष, पार्सल कार्यालयों और पार्किंग क्षेत्रों में गहन जांच की। अभियान के दौरान सभी संदिग्ध वस्तुओं की जांच की गई और यात्रियों की आवाजाही पर कड़ी नजर रखी गई। इस दौरान कोई विस्फोटक सामग्री या आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिली।
स्टेशन पर 36 घंटे से भी कम समय में बम की धमकी की यह दूसरी घटना है। इससे पहले बृहस्पतिवार सुबह आठ बजकर 35 मिनट पर बम की धमकी का ऐसा ही फोन आया था, जिसके बाद बड़े पैमाने पर सुरक्षा जांच की गई।
डीसीपी गुप्ता ने मीडियाकर्मियों को बताया, ‘‘जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि जिस नंबर से फोन किया गया था वह अनिल नामक व्यक्ति का है। हालांकि, पूछताछ के दौरान उसने अधिकारियों को बताया कि उसका मोबाइल फोन 24 फरवरी से गायब था जिससे संदेह पैदा होता है कि धमकी देने के लिए खोए हुए फोन का उपयोग किया गया होगा।’’
डीसीपी ने कहा, पुलिस अब कॉल डिटेल रिकॉर्ड का विश्लेषण कर रही है और वास्तविक कॉल करने वाले की पहचान करने के लिए सीसीटीवी फुटेज को खंगाल रही है।
भाषा सं जफर शोभना सुरभि
सुरभि
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