नयी दिल्ली, 27 फरवरी (भाषा) दिल्ली सरकार ने निजी स्कूलों के आर्थिक अभिलेखों की व्यापक जांच कराने के लिए विशेष ऑडिट टीमों की नियुक्ति करने का निर्णय किया है। यह फैसला अभिभावकों की ओर से कथित वित्तीय अनियमितताओं और अत्यधिक फीस वसूली की बार-बार मिल रही शिकायतों के बाद लिया गया।
शिक्षा विभाग ने बताया कि शिक्षा निदेशालय (डीओई) राजधानी के निजी गैर-सहायता प्राप्त मान्यता प्राप्त स्कूलों का विस्तृत ऑडिट कराने के लिए तीन प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट नियुक्त करेगा।
विभाग के अनुसार, प्रत्येक प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट में 10 चार्टर्ड अकाउंटेंट होंगे। ऑडिट प्रक्रिया की कुल लागत लगभग 6.3 करोड़ रुपये आंकी गई है।
विभाग ने बताया कि निजी स्कूलों द्वारा वित्तीय कदाचार और अधिक फीस वसूली के आरोपों वाली कई शिकायतें मिलने के बाद यह निर्णय लिया गया।
विभाग के अनुसार, व्यक्तिगत शिकायतों पर कराए गए नियमित निरीक्षण अनियमितताओं का पता लगाने के लिए पर्याप्त नहीं थे, इसलिए वित्तीय विवरणों की विस्तृत जांच का निर्णय लिया गया।
दिल्ली के लगभग 1,794 निजी स्कूलों को इस ऑडिट के दायरे में लाया जाएगा। इन स्कूलों के पिछले तीन वर्षों के वित्तीय खातों की जांच की जाएगी।
टीमें डीओई द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के तहत वित्तीय विवरणों का विश्लेषण करेंगी, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी, संदिग्ध लेन-देन या संभावित उल्लंघन की पहचान की जा सके।
प्रारंभिक निष्कर्षों के आधार पर टीमें बिल, व्यय अभिलेख, फीस संग्रह, छात्र नामांकन डेटा और अन्य आय स्रोतों जैसे सहायक दस्तावेजों की भी जांच करेंगी तथा आवश्यकता पड़ने पर भौतिक सत्यापन भी कर सकती हैं।
भाषा राखी रंजन
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