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Friday, 27 February, 2026
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PM मोदी और अमित शाह ने AAP को खत्म करने की साजिश रची, केजरीवाल बोले–‘हम कट्टर ईमानदार’

यह बयान उस समय आया जब राउज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली आबकारी नीति मामले में उन्हें और अन्य आरोपियों को बरी कर दिया.

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नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें और उनकी पार्टी को खत्म करने के लिए कथित शराब घोटाले की साजिश रची. उन्होंने कहा कि वे 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में AAP को हरा नहीं पाए, इसलिए यह मामला बनाया गया.

दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने कहा कि अदालत के फैसले से साबित हो गया है कि वह और उनकी पार्टी “कट्टर ईमानदार” हैं.

अदालत के आदेश का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा, “मैं जज साहब का धन्यवाद करना चाहता हूं. जब हर संस्था और प्राधिकरण पर दबाव था, तब जज ने बहुत साहस दिखाया. अदालत को यह देखना होता है कि केस के लिए सबूत हैं या नहीं. 600 पन्नों के आदेश में अदालत ने कहा है कि इस मामले में केस चलाने लायक जरा सा भी सबूत नहीं है.”

केजरीवाल ने कहा, “दो लोगों—पीएम मोदी और अमित शाह—ने आम आदमी पार्टी को खत्म करने की साजिश रची. आज उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए. उन्हें पता था कि वे हमें दिल्ली में नहीं हरा सकते. उन्हें पता था कि लोग AAP से खुश हैं, इसलिए यह केस बनाया गया. मैंने जिंदगी में सिर्फ ईमानदारी कमाई है, पैसा नहीं. मैं उनकी तरह नहीं हूं. अब साबित हो गया है कि केजरीवाल और AAP ‘कट्टर ईमानदार’ हैं.”

यह बयान उस समय आया जब राउज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली आबकारी नीति मामले में उन्हें और अन्य आरोपियों को बरी कर दिया.

केजरीवाल ने केंद्र सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि दिल्ली में फिर से विधानसभा चुनाव कराए जाएं. उन्होंने कहा, “मैं मोदी जी को चुनौती देता हूं कि दिल्ली में फिर चुनाव कराएं. अगर वे 10 से ज्यादा सीटें ले आएं, तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा.”

उन्होंने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा पर भी निशाना साधा. केजरीवाल ने कहा कि यह कहना कि फैसला कांग्रेस को कमजोर करने के लिए लिया गया, गलत है.

AAP सुप्रीमो ने पूछा, “मैं कांग्रेस से पूछना चाहता हूं—केजरीवाल जेल गया. क्या रॉबर्ट वाड्रा जेल गए? संजय सिंह जेल गए. क्या राहुल गांधी जेल गए? क्या सोनिया गांधी जी जेल गईं? कांग्रेस क्या कह रही है? क्या उसे शर्म नहीं है?”

दिल्ली की विशेष अदालत ने कहा कि आरोप तय करने के लिए जरूरी प्रथम दृष्टया संदेह तक साबित नहीं हुआ. अदालत ने 2021-22 की दिल्ली आबकारी नीति से जुड़े CBI केस में सभी 23 आरोपियों को बरी कर दिया.

राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश (पीसी एक्ट) जितेंद्र सिंह ने अपने आदेश में कहा कि अभियोजन का मामला “कानूनी रूप से कमजोर, टिकाऊ नहीं और आगे बढ़ाने योग्य नहीं” है.

अदालत ने कहा कि जब एजेंसी द्वारा जुटाई गई सामग्री को स्वीकार्यता, प्रासंगिकता और प्रमाणिकता के आधार पर परखा गया, तो साजिश का कथित ढांचा टूट जाता है और आरोप अस्वीकार्य सामग्री व बाद में बनाई गई कहानी पर आधारित दिखते हैं.

बरी किए गए लोगों में अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और 21 अन्य शामिल हैं.

अदालत ने CBI के तरीके पर भी सवाल उठाए, खासकर गवाह को माफी देकर उसके बयान पर भरोसा करने को लेकर. अदालत ने कहा कि किसी आरोपी को माफी देकर उसके बयान से केस की कमियां भरना या नए आरोपियों को जोड़ना संवैधानिक सुरक्षा को कमजोर करता है.

इस मामले में एफआईआर अगस्त 2022 में दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना की शिकायत पर दर्ज हुई थी. शिकायत में आरोप लगाया गया था कि अब रद्द की जा चुकी आबकारी नीति को कुछ शराब लाइसेंसधारकों को फायदा पहुंचाने के लिए बनाया गया था, जिसमें लाइसेंस फीस कम की गई और मुनाफे की सीमा तय की गई, जिससे कथित रूप से कमीशन और सरकारी नुकसान हुआ.


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