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Friday, 27 February, 2026
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‘दमादम मस्त कलंदर’—तालिबान पर आतंक फैलाने का आरोप, पाकिस्तान ने किया ‘खुले युद्ध’ का ऐलान

यह डेवलपमेंट एक के बाद एक जवाबी हमलों के बाद हुई. अफगान बलों द्वारा विवादित डूरंड लाइन पर पाकिस्तानी सीमा सैनिकों पर हमले के बाद पाकिस्तान ने काबुल, पक्तिया और कंधार पर बमबारी की.

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नई दिल्ली: पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने शुक्रवार को अफगानिस्तान के खिलाफ “खुला युद्ध” घोषित किया. रातभर तनाव बढ़ता रहा और इस्लामाबाद ने सीमा पार हवाई हमले करते हुए कई शहरों पर बम गिराए.

यह डेवलपमेंट एक के बाद एक जवाबी हमलों की कड़ी के बाद हुई है. अफगान बलों द्वारा विवादित डूरंड लाइन पर पाकिस्तानी सीमा सैनिकों पर हमले के बाद पाकिस्तान ने अफगान शहर काबुल, पक्तिया और कंधार पर बमबारी की. गुरुवार को तालिबान ने दावा किया कि उसने इस हफ्ते इस्लामाबाद के पहले किए गए हवाई हमलों के जवाब में एक पाकिस्तानी सीमा चौकी पर कब्ज़ा कर लिया है.

आसिफ ने एक्स पर लिखा, “हमारे सब्र का प्याला भर चुका है. अब यह हमारे और तुम्हारे (पाकिस्तान और अफगानिस्तान) बीच खुला युद्ध है. अब होगा ‘दमादम मस्त कलंदर’.” उन्होंने काबुल में तालिबान सरकार पर पाकिस्तान में आतंकवाद फैलाने का आरोप लगाया.

पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने पुष्टि की कि हवाई हमले तालिबान शासित अफगानिस्तान में सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए. वहीं, गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने हालिया हमलों को पाकिस्तानी सीमा कर्मियों पर तालिबान बलों द्वारा की गई “खुली आक्रामकता” का “करारा जवाब” बताया.

तालिबान का ‘बड़े पैमाने’ का अभियान

गुरुवार रात तालिबान ने कहा कि उसने डूरंड लाइन के पार “बड़े पैमाने पर हमला अभियान” शुरू किया है.

तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने एक्स पर लिखा: “पाकिस्तानी सैन्य हलकों की बार-बार उकसावे और उल्लंघन के जवाब में, डूरंड लाइन के साथ पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों और संस्थानों पर बड़े पैमाने पर हमला अभियान शुरू किया गया है.”

अफगान रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि गुरुवार की कार्रवाई में 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और 19 सैन्य चौकियों पर कब्जा कर लिया गया. तालिबान ने यह भी दावा किया कि कई पाकिस्तानी सैनिकों को “ज़िंदा पकड़ लिया गया” है—इस दावे को इस्लामाबाद ने खारिज कर दिया.

कुछ ही घंटों बाद अफगान शहरों में हवाई हमलों की खबरें सामने आईं. पाकिस्तानी सुरक्षा अधिकारियों द्वारा ऑनलाइन साझा किए गए वीडियो में सीमा पर गोलीबारी की चमक और भारी तोपों की आवाज़ सुनाई दी. रॉयटर्स के मुताबिक, काबुल पर हमले के एक वीडियो में दो जगहों से काला घना धुआं उठता दिखा और राजधानी के एक हिस्से में बड़ी आग लगी दिखाई दी.

एक और वीडियो में एक इमारत जलती हुई दिखी, जिसे अधिकारियों ने पक्तिया प्रांत में तालिबान का मुख्यालय बताया.

पाकिस्तान सरकार के प्रवक्ता मोशर्रफ जैदी ने एक्स पर लिखा, “अफगानिस्तान में लक्ष्यों के खिलाफ पाकिस्तान के जवाबी हमले जारी हैं.”

जैदी ने कहा कि 133 अफगान तालिबान लड़ाके मारे गए और 200 से ज्यादा घायल हुए, 27 चौकियां नष्ट कर दी गईं और नौ पर कब्ज़ा कर लिया गया.

दोनों पक्षों के हताहतों के आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी.

संघर्ष

काबुल ने अपनी सैन्य कार्रवाई को अफगान संप्रभुता की रक्षा बताया है. उसका कहना है कि पाकिस्तान बार-बार उल्लंघन कर रहा है, जिससे महिलाओं और बच्चों समेत आम नागरिकों की मौत हुई है. अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र मिशन ने कहा था कि इस हफ्ते की शुरुआत में नंगरहार और पक्तिका पर पाकिस्तान के हमलों में कम से कम 13 नागरिक मारे गए.

डूरंड लाइन लंबे समय से तनाव का केंद्र रही है. काबुल इसे अंतरराष्ट्रीय सीमा मानने से इनकार करता है. अक्टूबर 2025 के बाद दोनों पड़ोसी देशों के संबंध और खराब हो गए, जब एक सीमा झड़प में दोनों तरफ दर्जनों लोग मारे गए थे. इस्लामाबाद बार-बार तालिबान पर उग्रवादियों को पनाह देने और फैलाने का आरोप लगाता रहा है; तालिबान इन आरोपों को खारिज करता है.

कतर और तुर्किये में मध्यस्थता की कोशिशें अब तक सीमा पर स्थिति को स्थिर करने में नाकाम रही हैं. यह सीमा अक्सर बंद रहती है और यहां बार-बार सीमा पार गोलीबारी होती रहती है.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)

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