नई दिल्ली: दिल्ली आबकारी नीति मामले में निचली अदालत द्वारा आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल को सबूतों के अभाव में बरी किए जाने के बाद शुक्रवार को बीजेपी नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी.
जहां इस फैसले से दिल्ली सरकार को अस्थायी राहत मिली है, वहीं बीजेपी नेताओं ने कहा कि मामले में आगे भी न्यायिक जांच हो सकती है.
बीजेपी नेता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, “अदालत ने सबूतों की कमी के आधार पर उन्हें बरी किया है. यह एक तकनीकी मामला है. सीबीआई इस मामले में अगला कदम उठाएगी. पार्टी विस्तृत अध्ययन के बाद औपचारिक प्रतिक्रिया देगी. सोचना चाहिए—अगर आरोप बेबुनियाद थे, तो आरोप तय कैसे हुए?”
बीजेपी के राष्ट्रीय आईटी प्रमुख अमित मालवीय ने एक्स पर लिखा, “दिल्ली आबकारी मामले का फैसला निचली अदालत से आया है. इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित कार्यवाही में कड़ी टिप्पणियां की थीं. यह फैसला ऊपरी अदालतों में टिकता है या नहीं, यह देखना बाकी है. कानूनी प्रक्रिया अभी खत्म नहीं हुई है.”
The judgment in the Delhi excise case has come from a lower court. In the past, even the Delhi High Court and the Supreme Court of India have made strong and damning observations in related proceedings. Whether this judgment withstands scrutiny in higher courts remains to be…
— Amit Malviya (@amitmalviya) February 27, 2026
मालवीय ने आगे कहा, “अगर अरविंद केजरीवाल इतने ईमानदार थे, तो जब अनियमितताओं की बात सामने आई तो दिल्ली सरकार ने नीति को वापस लेकर उसमें बदलाव क्यों किया? कई मोबाइल फोन और सिम कार्ड क्यों नष्ट किए गए? विक्रेताओं की संख्या अचानक इतनी कम क्यों की गई, जबकि कमीशन 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत कर दिया गया? ये फैसले गंभीर और जायज सवाल खड़े करते हैं. कथित कमीशन कोई कल्पना नहीं है, ये मुद्दे अदालत और जनता के सामने रखे गए हैं.”
उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा, “सबसे अहम बात यह है कि केजरीवाल की ‘वन ऑन वन फ्री’ योजना ने दिल्ली के परिवारों को नुकसान पहुंचाया. उनकी नीतियों से शराब की कीमतें बढ़ीं और घर-परिवार प्रभावित हुए. नैतिक रूप से कमजोर सरकार चलाने के लिए उन्हें सख्त सजा मिलनी चाहिए. दिल्ली की जनता ने वोट के जरिए अपना फैसला सुना दिया है. अब न्यायपालिका अपनी प्रक्रिया जारी रखेगी. अभी कई स्तर की न्यायिक जांच बाकी है, अंतिम फैसला आना बाकी है.”
इससे पहले आज राउज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली आबकारी नीति मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को बरी कर दिया.
अदालत ने कहा कि कथित केंद्रीय साजिश की भूमिका को साबित नहीं किया जा सका. अदालत ने यह भी कहा कि आरोप “न्यायिक जांच में टिक नहीं पाए” और मनीष सिसोदिया के खिलाफ “आपराधिक मंशा” का कोई सबूत नहीं मिला. साथ ही अदालत ने कहा कि साजिश की थ्योरी “किसी एक संवैधानिक पदाधिकारी के खिलाफ टिक नहीं सकती.”
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