scorecardresearch
Friday, 27 March, 2026
होमदेशआतंक वित्तपोषण मामला : न्यायालय ने शब्बीर शाह के 1990 के भाषण का हवाला देने पर एनआईए से सवाल किये

आतंक वित्तपोषण मामला : न्यायालय ने शब्बीर शाह के 1990 के भाषण का हवाला देने पर एनआईए से सवाल किये

Text Size:

नयी दिल्ली, 25 फरवरी (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने आतंकवाद के वित्तपोषण से जुड़े एक मामले में बुधवार को कश्मीरी अलगाववादी नेता शब्बीर अहमद शाह की जमानत याचिका का विरोध करते हुए 1990 के दौरान कुछ कथित भड़काऊ भाषणों का हवाला देने पर एनआईए से सवाल किया।

राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति विक्रमनाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ को बताया कि शब्बीर शाह के खिलाफ भड़काऊ भाषण वाले वीडियो और आपत्तिजनक ई-मेल सहित कई सबूत मौजूद हैं।

जब एनआईए की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा ने वीडियो के कुछ अंशों का हवाला दिया, तो पीठ ने भाषणों की तारीख के बारे में पूछा।

लूथरा ने कहा कि एजेंसी के पास कुछ वीडियो की तारीखें मौजूद हैं और वे 1990 के दशक के हैं।

पीठ ने कहा, ‘‘ये भाषण कोई नए नहीं हैं। ये तो 30 या 35 साल पहले से ही मौजूद थे। अब आप इन्हें 2019 में निकालकर भड़काऊ भाषण बता रहे हैं।’’

लूथरा ने कहा कि शब्बीर शाह के घर की तलाशी के दौरान भड़काऊ भाषण वाले वीडियो बरामद हुए थे। उन्होंने यह भी कहा कि शाह के खिलाफ गवाहों के बयान भी मौजूद हैं।

पीठ ने लूथरा से निचली अदालत में मामले की सुनवाई के चरण के बारे में पूछा।

वरिष्ठ अधिवक्ता ने निचली अदालत के 19 फरवरी के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि 34 गवाहों से पहले ही पूछताछ की जा चुकी है।

एनआईए द्वारा प्रस्तुत दलीलों को सुनने के बाद, पीठ ने मामले की अगली सुनवाई 12 मार्च के लिए तय की, जब शाह का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता कॉलिन गोंसाल्वेस अपनी दलीलें पेश करेंगे।

शीर्ष अदालत ने 13 जनवरी को मामले की सुनवाई के दौरान एनआईए को अपना पक्ष ठीक से प्रस्तुत न करने के लिए फटकार लगाई थी, और एजेंसी से शाह को छह साल से अधिक समय तक हिरासत में रखने का औचित्य साबित करने को कहा था।

अदालत ने एनआईए से शाह के कुछ भाषण और मामले से संबंधित अन्य प्रासंगिक तथ्य प्रस्तुत करने को कहा था।

एनआईए ने शाह को चार जून, 2019 को गिरफ्तार किया था। 2017 में, एनआईए ने 12 लोगों के खिलाफ पत्थरबाजी, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और केंद्र सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश रचने के आरोप में मामला दर्ज किया था।

शाह पर जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी आंदोलन को बढ़ावा देने में ‘‘महत्वपूर्ण भूमिका’’ निभाने का आरोप है।

भाषा शफीक माधव

माधव

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments