(कोमल शर्मा)
नयी दिल्ली, 24 फरवरी (भाषा) संयुक्त राष्ट्र के एक शीर्ष अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि भारत की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विविधता और वैश्विक आकर्षण को ध्यान में रखते हुए सतत पर्यटन के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं।
भारत में संयुक्त राष्ट्र के स्थानीय समन्वयक स्टीफन प्रीसनर ने कहा कि पारिस्थितिक स्थिरता को बढ़ावा देते हुए पर्यावरण अनुकूल पर्यटन को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास जारी हैं।
प्रीसनर ने कहा, ‘‘पर्यावरणीय पर्यटन और पर्यावरण स्थिरता बढ़ाने के लिए लगातार काम हो रहा है, जिसमें खाद बनाना और अपशिष्ट प्रबंधन शामिल है।’’
उन्होंने पर्यटन विकास के साथ-साथ जैव विविधता संरक्षण पर केंद्रित तटीय परियोजनाओं की ओर इशारा किया।
उन्होंने कहा कि भले ही भारत में पर्यटन फिलहाल संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख क्षेत्रों में शामिल न हो, लेकिन पर्यावरण अनुकूल पर्यटन, अपशिष्ट प्रबंधन और जैव विविधता संरक्षण सहित सतत विकास से जुड़े क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रयास किए जा रहे हैं।
प्रिसनर ने अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी मंच(यूएसआईएसएफ) के पर्यटन शिखर सम्मेलन 2026 के दौरान कहा कि 2027 को सतत पर्यटन वर्ष घोषित किया गया है।
उन्होंने कहा कि भविष्य में इस क्षेत्र पर और अधिक ध्यान दिया जा सकता है।
भाषा
सुभाष माधव
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