नयी दिल्ली, 24 फरवरी (भाषा) दिल्ली सरकार ने नजफगढ़ नाले के दोनों किनारों पर करीब 61 किलोमीटर लंबी दो-लेन की सड़क बनाने की परियोजना को मंगलवार को मंजूरी दे दी। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई है।
बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में वित्त व्यय समिति की हुई बैठक में महत्वाकांक्षी परियोजना को मंजूरी दी गई जिसपर कुल 453.95 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
गुप्ता ने इसे राष्ट्रीय राजधानी में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्य शहर से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम बताया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना का प्रमुख मुख्य सड़कों पर यातायात दबाव कम करना, यात्रा समय और ईंधन खपत में कमी लाना व वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को घटाना है।
यह परियोजना दिल्ली के परिवहन ढांचे को नई दिशा देगी और राजधानी में एक वैकल्पिक इंट्रा-सिटी कॉरिडोर विकसित करेगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि झटीकरा ब्रिज से छावला ब्रिज तक बाएं किनारे पर 5.94 किलोमीटर लंबी दो-लेन की सड़क बनेगी, जबकि छावला से बसईदारापुर तक नाले के दोनों किनारों पर 27.415 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण किया जाएगा, जो दोनों किनारों को मिलाकर 54.83 किलोमीटर होगा तथा कुल विकसित लंबाई 60.77 किलोमीटर होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना से गुरुग्राम सेक्टर-104 और सेक्टर-110 तक संपर्क सुदृढ़ होगा, जिससे दिल्ली और हरियाणा के बीच कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा कि सड़क के साथ-साथ लोगों के चलने और साइकिल चलाने के लिए अलग से ट्रैक भी बनेगा और द्वारका मेट्रो यार्ड के पास एक नया पुल भी बनाया जाएगा ताकि आवाजाही आसान हो सके।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस परियोजना को पहले ही संबंधित तकनीकी समिति और बाढ़ नियंत्रण बोर्ड से मंजूरी मिल चुकी है और अब समिति की स्वीकृति के बाद आगे की औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी।
उन्होंने कहा कि परियोजना को नवंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
दिल्ली सचिवालय में आयोजित समिति की बैठक में सिंचाई व बाढ़ नियंत्रण विभाग के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह भी उपस्थित थे।
भाषा नोमान नोमान रंजन
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