(फाइल फोटो के साथ)
नयी दिल्ली, 24 फरवरी (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने छत्तीसगढ़ विधानसभा में अपने निर्वाचन के खिलाफ दायर याचिका की स्वीकार्यता को चुनौती देने वाली कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव की अर्जी मंगलवार को खारिज कर दी।
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के संबंधित आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया और कहा कि यादव राहत के लिए उच्च न्यायालय का रुख कर सकते हैं।
शीर्ष अदालत ने कहा कि सभी अधिकार और दलीलें खुली हैं तथा याचिकाकर्ता इन्हें उच्च न्यायालय के समक्ष उठा सकता है।
यादव की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नरिंदर हुड्डा और अधिवक्ता सुमीर सोढ़ी इस मामले में पेश हुए।
भाजपा नेता प्रेम प्रकाश पांडे ने छत्तीसगढ़ के भिलाई नगर क्षेत्र से यादव के निर्वाचन को चुनौती दे रखी है।
पांडे की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता विजय हंसारिया ने कहा कि इस मामले की सुनवाई पर इस न्यायालय ने एक वर्ष से अधिक समय से रोक लगा रखी है और यह न्यायालय सुनवाई छह महीने के भीतर पूरी करने का निर्देश दे सकता है।
पीठ ने कहा कि वह सुनवाई के लिए कोई समयसीमा तय नहीं कर रही है।
पिछले साल 21 फरवरी को, उच्चतम न्यायालय ने यादव के विधानसभा निर्वाचन के विरूद्ध अदालती कार्यवाही पर रोक लगा दी थी। उसने यादव की याचिका पर पांडे को नोटिस जारी किया था।
इससे पहले, कांग्रेस नेता ने तर्क दिया था कि उच्च न्यायालय ने उस आवेदन को खारिज करने में गलती की थी, जिसमें पांडे की चुनाव याचिका की स्वीकार्यता पर सवाल उठाया गया था।
भाजपा नेता ने इस आधार पर निर्वाचन को चुनौती दी कि यादव ने अपना नामांकन दाखिल करते समय सही तथ्यों का खुलासा नहीं किया और कुछ बिंदुओं पर गलत बयान दिए, जो जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के विपरीत थे और चुनाव के परिणाम को काफी हद तक प्रभावित करते थे।
इसे भ्रष्टाचार का मामला बताते हुए पांडे ने तर्क दिया कि याचिकाकर्ता का नामांकन पत्र गलत तरीके से स्वीकार किया गया था।
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने पांच जुलाई, 2024 को पांडे की याचिका की स्वीकार्यता पर सवाल उठाने वाली यादव की अर्जी खारिज कर दी थी।
भाषा
राजकुमार सुरेश
सुरेश
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