सिंगापुर: Golden State Capital Pte. Ltd. के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर सुमित नंदा ने उत्तर प्रदेश में ₹12,000 करोड़ के बड़े निवेश का ऐलान किया है. उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के बाद राज्य में औद्योगिक बदलाव की जमकर तारीफ की.
सिंगापुर में नंदा ने कहा कि सिंगापुर भारत में विदेशी निवेश का सबसे बड़ा केंद्र है. उन्होंने कहा, “अगर आप पिछले 10 साल का डेटा देखें तो सिंगापुर भारत में सबसे बड़ा निवेशक है और लगभग सारा विदेशी निवेश यहीं से आता है.”
Had a productive meeting with Mr. Sumit Nanda, Chairman and Managing Director, Golden State Capital Pte. Ltd., along with his team, in Singapore today.
Discussed investment prospects in infrastructure, emerging technologies and strategic growth sectors in Uttar Pradesh,… pic.twitter.com/sQC8HZs74g
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) February 23, 2026
नंदा ने बताया कि उनकी कंपनी उत्तर प्रदेश में दो बड़े प्रोजेक्ट शुरू करने जा रही है. उन्होंने कहा, “हम लगभग ₹8,000 करोड़ के निवेश से एक डेटा सेंटर स्थापित कर रहे हैं. इसके अलावा करीब ₹4,000 करोड़ के निवेश से एक रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट पर भी काम कर रहे हैं.”
उन्होंने कहा कि राज्य में बेहतर कानून-व्यवस्था और बड़े बाजार की वजह से निवेश का फैसला लिया गया. नंदा ने कहा, “उत्तर प्रदेश भारत का सबसे ज्यादा आबादी वाला राज्य है और यहां का बाजार भी सबसे बड़ा है. कानून-व्यवस्था में काफी सुधार हुआ है. मुख्यमंत्री ने राज्य को पूरी तरह बदल दिया है.”
गोल्डन स्टेट कैपिटल प्रमुख ने कहा कि राज्य की बदली हुई छवि को अंतरराष्ट्रीय निवेशकों ने भी नोटिस किया है. उन्होंने कहा, “विदेशी निवेशक उत्तर प्रदेश के नेतृत्व और यहां के बाजार दोनों से आकर्षित हो रहे हैं. हम राज्य में आगे और निवेश करने के लिए उत्साहित हैं.”
इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिंगापुर में सुमित नंदा और उनकी टीम से मुलाकात की. इस दौरान उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर, उभरती तकनीकों और डेटा सेंटर सहित कई प्राथमिक निवेश क्षेत्रों में संभावनाओं पर चर्चा हुई.
यह बैठक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सिंगापुर और जापान के चार दिवसीय दौरे के दौरान हुई. इस दौरे का उद्देश्य “ब्रांड यूपी” को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देना और राज्य को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य के लिए अंतरराष्ट्रीय साझेदारी हासिल करना है.
