(देवर्चित वर्मा)
मुंबई, 22 फरवरी (भाषा) बेहद आत्मविश्वास से भरी वेस्टइंडीज की टीम को सोमवार को यहां होने वाले टी20 विश्व कप के सुपर आठ के मैच में जिम्बाब्वे के दृढ़ संकल्प से सतर्क रहना होगा।
यह दोनों टीम टूर्नामेंट में अभी तक अजेय रही है और वे यह सिलसिला जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध होगी। वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे दोनों ने पहले दौर में अपने-अपने ग्रुप में शीर्ष स्थान हासिल किया, लेकिन काम अभी खत्म नहीं हुआ है क्योंकि आगे और भी कड़ी चुनौतियां उनका इंतजार कर रही हैं।
दो बार की चैंपियन वेस्टइंडीज के आत्मविश्वास की यह उस प्रारूप में कड़ी परीक्षा होगी जिसमें वह वास्तव में अच्छा प्रदर्शन करते हैं और अपने कौशल का ऐसा नमूना पेश करते हैं जैसा शायद ही कोई अन्य टीम कर पाती है।
पूर्व चैंपियन कप्तान डेरेन सैमी की कोचिंग वाली टीम ने अभी तक एकजुट होकर प्रदर्शन किया है लेकिन उसके लिए निरंतरता बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती होगी।
वेस्टइंडीज ने लगातार चार मैच में जीत हासिल करके यह सुनिश्चित कर लिया है कि टी20 विश्व कप से पहले सात द्विपक्षीय शृंखलाओं में मिली हार अब अतीत की बात हो गई है।
कैरेबियाई टीम एक बार फिर एक मजबूत दावेदार के रूप में उभरी है। उसने इंग्लैंड के खिलाफ शानदार जीत हासिल की और निचले पायदान की टीमों को आसानी से हराया।
कप्तान शाई होप (155 रन, दो अर्धशतक) ने अपनी फॉर्म वापस पा ली है, जबकि शिमरोन हेटमायर (134) ने नंबर तीन के बल्लेबाज की अपनी भूमिका के साथ पूरा न्याय किया है। जेसन होल्डर और रोस्टन चेज ने भी महत्वपूर्ण योगदान देकर टीम को मजबूती प्रदान की है।
शेरफेन रदरफोर्ड (126) की विस्फोटक बल्लेबाजी वेस्टइंडीज के लिए महत्वपूर्ण साबित हुई है। इसके अलावा रोमारियो शेफर्ड की ऑलराउंड क्षमता से टीम को संतुलन मिला है। वह आईपीएल में वानखेड़े में खेलने के अपने अनुभव का पूरा लाभ उठाने की कोशिश करेंगे।
दूसरी ओर जिम्बाब्वे ने अब तक के अपने प्रेरणादायक प्रदर्शन से क्रिकेट जगत में नई उम्मीद जगा दी है। उसने ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका को हराकर सभी को चौंका दिया था और अब वह यह साबित करने के लिए प्रतिबद्ध होगा कि उसकी यह जीत महज संयोग नहीं थी।
जिम्बाब्वे ने सुपर आठ में जगह बनाकर अपना सबसे बड़ा लक्ष्य हासिल कर रहा लिया है। अब उसका सामना वेस्टइंडीज के अलावा दक्षिण अफ्रीका और भारत से होगा। उसके खिलाड़ियों के दृढ़ संकल्प को देखते हुए अगर वह फिर से कोई उलटफेर कर देता है तो उस पर किसी को हैरानी नहीं होनी चाहिए।
जिम्बाब्वे के लिए युवा ब्रायन बेनेट बल्लेबाजी में स्टार खिलाड़ी साबित हुए हैं। उन्होंने दो अर्धशतक लगाए हैं और कुल 175 रन बनाकर जिम्बाब्वे की तरफ से सर्वाधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं।
लेकिन दिलचस्प बात यह है कि इस 22 वर्षीय दाएं हाथ के बल्लेबाज ने टी20 विश्व कप में अभी तक एक भी छक्का नहीं लगाया है। वेस्टइंडीज इस बात को नजरअंदाज नहीं कर सकता है।
जिम्बाब्वे ने अभी तक इस टूर्नामेंट में कुल आठ छक्के लगाए हैं, जबकि वेस्टइंडीज ने चार मैचों में ही 36 छक्के जड़े हैं। यह उल्लेखनीय है कि सिकंदर रजा की अगुवाई वाली जिम्बाब्वे टीम ने अपने सभी लीग मैच श्रीलंका की अधिक चुनौतीपूर्ण पिचों पर खेले, जबकि वेस्टइंडीज की टीम भारत में ही खेल रही थी।
वानखेड़े स्टेडियम में बाउंड्री छोटी है और इसकी पिच सपाट है जिसका वेस्टइंडीज को फायदा मिल सकता है। इससे जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाजों ब्लेसिंग मुजरबानी (09 विकेट) और ब्रैड इवांस (08) को एक नई चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।
लेकिन श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीमों पर मिली जीत से यह बात साफ हो गई कि जिम्बाब्वे अपने प्रतिद्वंद्वियों को कड़ी चुनौती देने के लिए तैयार है। इसलिए वेस्टइंडीज को किसी भी तरह की ढिलाई बरतना महंगी पड़ सकती है।
टीम इस प्रकार हैं:
वेस्टइंडीज: शाई होप (कप्तान एवं विकेटकीपर), जॉनसन चार्ल्स (विकेटकीपर), शिमरोन हेटमायर, ब्रैंडन किंग, रोवमैन पॉवेल, शेरफेन रदरफोर्ड, क्विंटिन सैम्पसन, रोस्टन चेज़, जेसन होल्डर, रोमारियो शेफर्ड, मैथ्यू फोर्डे, अकील हुसैन, शमर जोसेफ, गुडाकेश मोती, जेडन सील्स।
जिम्बाब्वे: सिकंदर रजा (कप्तान), बेन कुरेन, क्लाइव मदांडे (विकेटकीपर), तादिवानाशे मारुमानी, डायोन मेयर्स, ब्रायन बेनेट, रयान बर्ल, ब्रैड इवांस, टोनी मुनयोंगा, ताशिंगा मुसेकिवा, ग्रीम क्रेमर, टिनोटेन्डा मापोसा, वेलिंगटन मसाकाद्जा, ब्लेसिंग मुजरबानी, रिचर्ड नगारवा।
मैच भारतीय समयानुसार शाम 7:00 बजे शुरू होगा।
भाषा
पंत
पंत
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
