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Friday, 20 February, 2026
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गुजरात में यूसीसी से प्रगतिशील और समानता आधारित कानूनी ढांचा तैयार होगा: न्यायमूर्ति रंजना देसाई

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अहमदाबाद, 19 फरवरी (भाषा) उच्चतम न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना देसाई ने बृहस्पतिवार को कहा कि गुजरात में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के लागू होने से एक ‘‘प्रगतिशील और समानता-आधारित कानूनी ढांचा’’ तैयार होगा।

वह राज्य में यूसीसी की आवश्यकता की पड़ताल करने और संहिता का मसौदा तैयार करने के लिए गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल द्वारा पिछले साल चार फरवरी को गठित की गई उच्चस्तरीय समिति की अध्यक्ष हैं।

न्यायमूर्ति देसाई की अध्यक्षता में बुधवार को नयी दिल्ली में उच्चस्तरीय समिति की बैठक हुई।

राज्य सरकार द्वारा जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, बैठक के दौरान यूसीसी मसौदा की वर्तमान स्थिति, प्रगति और विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

विज्ञप्ति में देसाई के हवाले से कहा गया है, ‘‘राज्य में यूसीसी के लागू होने से एक प्रगतिशील और समानता-आधारित कानूनी ढांचा तैयार होगा, तथा प्रत्येक नागरिक को समान न्याय और अधिकार प्राप्त होंगे।’’

इसमें कहा गया है, ‘‘समिति द्वारा अब तक तैयार किए गए मसौदा कानूनों की इस बैठक में समीक्षा की गई, जिसमें विवाह, तलाक, उत्तराधिकार अधिकार और दत्तक ग्रहण कानूनों जैसे विषयों पर विशेष जोर दिया गया। समिति ने इस बात पर भी बल दिया कि सामाजिक सद्भाव बनाए रखने के उद्देश्य से मसौदा तैयार करते समय सभी समुदायों के हितों को ध्यान में रखा जा रहा है।’’

समिति के अन्य सदस्यों में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी सीएल मीना, अधिवक्ता आरसी कोडेकर, शिक्षाविद दक्षेश ठाकर और सामाजिक कार्यकर्ता गीता श्रॉफ शामिल हैं।

भाषा

नेत्रपाल सुरेश

सुरेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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