बेंगलुरु, 15 फरवरी (भाषा) कर्नाटक के मंत्री प्रियंक खरगे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर ‘‘धन शोधन’’ में लिप्त होने का रविवार को आरोप लगाया और इसकी आय के स्रोत पर भी सवाल उठाया।
प्रियंक ने कहा कि वह चाहते हैं कि देश में सभी पर लागू होने वाला कानून और संविधान आरएसएस पर भी लागू हो।
उन्होंने कहा, ‘‘आरएसएस ने 52 वर्षों तक अपने कार्यालय में राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराया और हमें वे देशभक्ति का पाठ पढ़ाते है।’’
यहां एक कार्यक्रम में सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘इसके (आरएसएस के) पास 2,500 से अधिक संगठनों का नेटवर्क है, ये अमेरिका और इंग्लैंड से हैं। ये उनसे पैसे लेते हैं और मैं बता रहा हूं कि ये लोग धन शोधन में शामिल हैं।’’
आरएसएस को पैसा कहां से मिल रहा है और कैसे मिल रहा है, इस सवाल पर कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘वे चाहते हैं कि हम अच्छे नागरिक बनें, आयकर दें, लेकिन वे खुद स्वतंत्र रहना चाहते हैं। यह कैसे संभव है? हमें इस पर सवाल उठाना होगा।’’
भाषा यासिर रंजन
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