scorecardresearch
Monday, 16 February, 2026
होमदेशराहुल गांधी अमेरिका-यूरोपीय संघ के साथ व्यापार समझौतों को लेकर झूठ फैला रहे हैं: शाह

राहुल गांधी अमेरिका-यूरोपीय संघ के साथ व्यापार समझौतों को लेकर झूठ फैला रहे हैं: शाह

Text Size:

(तस्वीरों के साथ)

गांधीनगर, 15 फरवरी (भाषा) केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार को कांग्रेस और उसके नेता राहुल गांधी पर अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ के साथ भारत के व्यापार समझौतों को लेकर किसानों को गुमराह करने और झूठ फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने रेखांकित किया कि सरकार ने देश के कृषि और दुग्ध उत्पादन क्षेत्रों की पूरी तरह से सुरक्षा की है।

शाह ने व्यापार समझौतों से भारतीय किसानों को नुकसान पहुंचने के विपक्षी दल के आरोपों को ‘‘हास्यास्पद’’ बताया।

उन्होंने कहा, ‘‘जब कांग्रेस के शहजादे राहुल गांधी संसद में खड़े होकर किसानों की सुरक्षा की बात करते हैं तो मुझे हंसी आती है। कांग्रेस का देश को गुमराह करने का एक लंबा इतिहास रहा है और अब वे व्यापार समझौतों को लेकर झूठ फैला रहे हैं।’’

शाह भारत की पहली केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (सीबीडीसी) आधारित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) की शुरुआत करने के बाद गांधीनगर में एक सभा को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनकी सरकार ने हर समझौते में किसानों के हितों की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित की है।

केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा, ‘‘राहुल गांधी झूठ फैला रहे हैं कि यूरोपीय संघ, इंग्लैंड और अमेरिका के साथ व्यापार समझौते हमारे किसानों को नुकसान पहुंचाएंगे और हमारे डेयरी उद्योग को खत्म कर देंगे। मैं इस देश के किसानों, पशुपालकों और मछुआरों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा हस्ताक्षरित प्रत्येक समझौते में उनके हितों की पूरी तरह से रक्षा की गई है। चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है।’’

उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों के कार्यकाल में भारतीय कृषि के लिए हानिकारक समझौते किए गए थे और प्रधानमंत्री मोदी ने 2014 में पदभार संभालते ही ऐसे प्रावधानों को रद्द कर दिया।

कांग्रेस की इस आलोचना का उल्लेख करते हुए कि ये समझौते भारत के डेयरी क्षेत्र को नष्ट कर देंगे, शाह ने कहा कि राहुल गांधी झूठ फैला रहे हैं कि प्रधानमंत्री मोदी ने इन समझौतों पर हस्ताक्षर करके भारत के डेयरी क्षेत्र को खत्म कर दिया है।

केंद्रीय मंत्री शाह ने कहा, ‘‘हमने डेयरी क्षेत्र का विस्तार किया है, इसे कमजोर नहीं किया। सभी समझौतों में डेयरी (क्षेत्र) को पूर्ण संरक्षण दिया गया है।”

शाह ने गांधी को इस मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से बहस करने की चुनौती दी।

उन्होंने कहा, ‘‘राहुल गांधी जी, कोई भी मंच चुन लीजिए। यहां तक ​​कि भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष भी आकर आपसे इस बात पर बहस कर सकते हैं कि किसने किसानों को नुकसान पहुंचाया है और किसने उनके कल्याण के लिए काम किया है।’’

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच फोन पर हुई बातचीत के बाद दोनों पक्षों ने हाल ही में भारतीय वस्तुओं पर अमेरिकी शुल्क को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिये जाने की घोषणा की।

पिछले महीने भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) ने प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लिए बातचीत पूरी की।

व्यापार समझौतों का बचाव करते हुए शाह ने कहा, ‘‘इन समझौतों के माध्यम से हमारे कृषि उत्पाद और मत्स्य उत्पाद विश्व बाजारों तक पहुंच सकेंगे। साथ ही किसानों के हितों की रक्षा की गई है। भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी किसानों के हितों से कभी समझौता नहीं कर सकते।’’

शाह ने कहा कि कांग्रेस ने ‘गरीबी हटाओ’ की बात तो की, लेकिन गरीबी उन्मूलन के लिए ठोस कदम उठाने में विफल रही, जबकि प्रधानमंत्री मोदी ने आवास, गैस कनेक्शन, शौचालय, पीने का पानी, मुफ्त अनाज और पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराया।

उन्होंने कहा, ‘‘10 वर्षों में 27 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर उठे हैं। आज 81 करोड़ लोगों को पारदर्शी तरीके से मुफ्त अनाज मिल रहा है।’’

मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के 10 वर्षों और मोदी सरकार के एक दशक की तुलना करते हुए शाह ने कहा, ‘‘हमने किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर 15 गुना अधिक अनाज खरीदा है।’’

शाह ने कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान किसानों के लिए बजट आवंटन लगभग 26,000 करोड़ रुपये था, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में इसे बढ़ाकर करीब 1.29 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है।

उन्होंने कहा, ‘‘आपने 70 वर्षों में केवल एक बार ऋण माफी देकर किसानों को गुमराह किया। पिछले 10 वर्षों से मोदी जी हर साल सीधे प्रत्येक किसान के बैंक खाते में 6,000 रुपये भेज रहे हैं ताकि उन्हें ऋण पर निर्भर न रहना पड़े।’’

केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (सीबीडीसी) आधारित सार्वजनिक वितरण प्रणाली की शुरुआत और ‘ग्रेन एटीएम’ सुविधा का उद्घाटन करने के बाद शाह ने कहा कि इन दोनों पहलों से अनाज वितरण में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित होगी और भ्रष्टाचार समाप्त होगा। उन्होंने आगे कहा कि खाद्य वितरण और खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में एक ‘बहुत बड़ा सुधार’ हो रहा है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में सीबीडीसी आधारित प्रणाली सभी राज्यों में लागू हो जाएगी, जिससे खाद्य सुरक्षा मजबूत होगी और गरीबों के अधिकारों की रक्षा होगी।

शाह ने कहा कि पूर्वोत्तर और अन्य पिछड़े क्षेत्रों सहित कई दूरस्थ और महत्वाकांक्षी जिलों में प्रति व्यक्ति पांच किलो अनाज अक्सर लाभार्थियों तक नहीं पहुंच पाता था।

उन्होंने कहा, ‘‘उन क्षेत्रों के लोगों को यह भी नहीं पता था कि मोदी जी उनके लिए दिल्ली से पांच किलो अनाज भेज रहे हैं। कहीं न कहीं व्यवस्था में गड़बड़ी के कारण अनाज का गबन हो जाता था। अब कोई हस्तक्षेप नहीं कर पाएगा। पूरी तरह से डिजिटल प्रणाली के माध्यम से प्रत्येक लाभार्थी को उसका उचित हिस्सा मिलेगा।’’

शाह ने इस बात पर खुशी जताई कि गुजरात, विशेष रूप से उनके संसदीय क्षेत्र को इस प्रायोगिक परियोजना की शुरुआत के लिए चयनित किया गया।

उन्होंने कहा, ‘‘इससे यह सुनिश्चित होगा कि प्रत्येक गरीब नागरिक को राशन जैसे कि गेहूं, चावल, दालें, तेल, नमक और चीनी पूरी पारदर्शिता के साथ मिले। इसमें बिचौलियों के लिए कोई जगह नहीं होगी।’’

शाह ने कहा कि जिस तरह मोदी सरकार द्वारा शुरू की गई प्रत्यक्ष लाभ अंतरण योजना (डीडीएस) से 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक की हेराफेरी समाप्त हुई, उसी तरह यह नया कदम पूरे देश में एक पारदर्शी वितरण प्रणाली सुनिश्चित करेगा।

गुजरात में पीडीएस लाभार्थियों को ‘अन्नपूर्ति’ अनाज एटीएम के माध्यम से स्वचालित मशीनों द्वारा 24 घंटे सातों दिन अरहर दाल, चना, नमक और चीनी के एक-एक किलो के पैकेट प्राप्त होंगे।

केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि गुजरात के बाद, सरकार चंडीगढ़, पुडुचेरी और दादरा और नगर हवेली में सीबीडीसी आधारित पीडीएस को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है और धीरे-धीरे इसे पूरे देश में लागू करेगी।

भाषा संतोष धीरज

धीरज

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments