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Saturday, 4 April, 2026
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घरेलू धन प्रेषण में कम समय और लागत लगे, इसकी व्यवस्था होनी चाहिए: रमेश

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नयी दिल्ली, 14 फरवरी (भाषा) कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने शनिवार को कहा कि घरेलू स्तर पर धन प्रेषण (रेमिटेंस) में लगने वाला समय और लागत कम होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे उत्तर प्रदेश सहित कई पूर्वी और उत्तरी राज्यों की अर्थव्यवस्थाओं को मदद मिलती है।

उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘भारत को 2025 में विदेशों से पहले लगभग 135 अरब डॉलर की राशि (रेमिटेंस) प्राप्त हुई। यह देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का लगभग 3.4 प्रतिशत है। देश के भुगतान संतुलन के प्रबंधन में विदेश से भारतीय नागरिकों द्वारा भेजे जाने वाले पैसे की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका रही है और केरल जैसे कई राज्यों की अर्थव्यवस्था के लिए ये निर्णायक रहे हैं। इन धन प्रेषण (रेमिटेंस) पर व्यापक अध्ययन भी हुआ है।’’

उन्होंने कहा कि इसके विपरीत, देश के भीतर एक राज्य से दूसरे राज्य में प्रवासी श्रमिकों द्वारा भेजी जाने वाली राशि की मात्रा के बारे में अपेक्षाकृत कम जानकारी उपलब्ध है।

रमेश ने कहा, ‘‘केरल के संबंध में कुछ अनुमान लगाए गए हैं, जिनके अनुसार एक अध्ययन बताता है कि केरल के भीतर से होने वाले घरेलू धन प्रेषण, केरल को विदेशों से प्राप्त प्रेषणों का लगभग एक-तिहाई हो सकते हैं।’’

रमेश ने इस बात का उल्लेख किया, ‘‘एमस्टर्डम विश्वविद्यालय के शिक्षाविद रॉबिन वैन जेन ड्यूजिन ने अत्यंत उपयोगी लेख लिखा है। उनके अनुसार, 2024 में पूरे भारत में घरेलू धन प्रेषण का अनुमान 36 से 48 अरब डॉलर के बीच है। यह भारत को विदेशों से प्राप्त प्रेषण का लगभग एक-तिहाई से अधिक है।’’

रमेश ने कहा, ‘‘दुर्भाग्यवश, घरेलू धन प्रेषण को कम सुर्खियां मिलती हैं, वे कम उत्साह पैदा करते हैं और उन्हें विदेशों से आने वाले धन प्रेषण की तुलना में कम नीतिगत ध्यान प्राप्त होता है। यह स्थिति बदलनी चाहिए, क्योंकि घरेलू प्रेषण की मात्रा भी महत्वपूर्ण है और उनका सामाजिक-आर्थिक प्रभाव भी व्यापक है।’’

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इन प्रेषण में लगने वाले समय और लागत को कम किया जाना चाहिए।

रमेश का यह भी कहना है कि घरेलू प्रेषण पूर्वी राज्यों तथा उत्तर प्रदेश जैसे कुछ उत्तरी राज्यों की अर्थव्यवस्था को महत्वपूर्ण रूप से सुदृढ़ कर रहे हैं।

भाषा हक सुरभि

सुरभि

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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