लखनऊ: कभी बिजली संकट से जूझने वाले उत्तर प्रदेश के गांव अब पूरी तरह रोशन हो चुके हैं. राज्य सरकार ने डीडीयूजीजेवाई और सौभाग्य योजना के तहत सभी गांवों और घरों तक बिजली कनेक्शन पहुंचाने का लक्ष्य पूरा किया है. बजट 2026-27 में बिजली क्षेत्र के लिए 65,926 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.
ग्रामीण इलाकों में पारेषण और वितरण नेटवर्क को मजबूत किया गया है. जर्जर लाइनें बदली गईं, नए उपकेंद्र बनाए गए और लाखों परिवारों को मुफ्त बिजली कनेक्शन दिए गए. आरडीएसएस योजना के तहत लाइन अपग्रेडेशन, ट्रांसफार्मर क्षमता वृद्धि और स्मार्ट मीटरिंग का काम तेजी से चल रहा है, जिससे लो वोल्टेज और बिजली चोरी पर नियंत्रण हुआ है.
बेहतर बिजली आपूर्ति का सीधा फायदा खेती, डेयरी, कोल्ड स्टोरेज और कुटीर उद्योगों को मिला है. गांवों में स्वरोजगार के अवसर बढ़े हैं और शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं में भी सुधार आया है.
वित्त वर्ष 2025-26 में दिसंबर 2025 तक ग्रामीण क्षेत्रों में औसतन 20 घंटे, तहसील मुख्यालयों पर 22 घंटे और जनपद मुख्यालयों पर 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई है. वर्ष 2022 से 2025-26 तक 2,410 नए 33/11 केवी उपकेंद्र बनाए गए, 20,924 नए ट्रांसफार्मर लगाए गए और 85,684 ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई गई.
सरकार का मानना है कि मजबूत बिजली ढांचा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को दीर्घकाल में और सशक्त बनाएगा.
