नई दिल्ली: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने मेघालय के ईस्ट जयंतिया हिल्स जिले के थांगस्को इलाके में 5 फरवरी को हुई अवैध कोयला खदान विस्फोट की घटना में 18 मजदूरों की मौत की खबर पर स्वतः संज्ञान लिया है. आयोग ने एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी.
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, विस्फोट के बाद कई मजदूर खदान में अलग-अलग गहराई पर फंसे हुए हैं.
आयोग ने कहा कि यदि खबर सही है, तो यह पीड़ितों के मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का मामला है. इस पर एनएचआरसी ने मेघालय के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है.
आयोग ने कहा है कि रिपोर्ट में बचाव अभियान की स्थिति, प्रभावित परिवारों को दी गई या प्रस्तावित मुआवजा राशि, पुलिस जांच की प्रगति और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए उठाए गए या प्रस्तावित कदमों की जानकारी शामिल होनी चाहिए.
विस्फोट के बाद थांगस्को क्षेत्र के मिसिंगाट इलाके की अवैध कोयला खदान में कई मजदूर फंस गए थे.
इससे पहले राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने भी इस घटना पर स्वतः संज्ञान लिया था. 6 फरवरी 2026 को प्रकाशित एक समाचार के आधार पर एनजीटी ने मूल याचिका दर्ज की, जिसमें अवैध रूप से संचालित ‘रैट-होल’ कोयला खदान में हुए घातक विस्फोट और संभावित पर्यावरण कानून उल्लंघन का उल्लेख था.
9 फरवरी को ईस्ट जयंतिया हिल्स जिले के पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि 5 फरवरी को हुई अवैध कोयला खनन विस्फोट की घटना पर हाईकोर्ट ने भी संज्ञान लिया है और जिले के उपायुक्त तथा पुलिस अधीक्षक को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए बुलाया था.
उन्होंने कहा, “हम हाईकोर्ट में पेश हुए हैं. खोज और बचाव अभियान अभी भी जारी है. जांच चल रही है. हमने एक गिरफ्तारी की है और जांच सही दिशा में आगे बढ़ रही है.”
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