लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार बुधवार को वर्ष 2026-27 का बजट पेश करने जा रही है. इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे राज्य के विकास का “दशकीय प्रमाण” बताया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते दस वर्षों में उत्तर प्रदेश ने अभूतपूर्व विकास और समृद्धि देखी है.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर सीएम योगी ने लिखा कि “नए भारत का नया उत्तर प्रदेश” पिछले एक दशक में तेजी से आगे बढ़ा है. उन्होंने कहा कि राज्य की 25 करोड़ जनता के विश्वास और आशीर्वाद से सरकार लगातार 10वीं बार विधानसभा में बजट पेश कर रही है.
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के यशस्वी नेतृत्व में 'नए भारत का नया उत्तर प्रदेश' विकास और समृद्धि के एक अभूतपूर्व दशक का साक्षी बन रहा है।
जन-जन के अटूट विश्वास और आशीर्वाद के फलस्वरूप, आपकी सरकार आज लगातार 10वीं बार उत्तर प्रदेश विधान मंडल में प्रदेश के सर्वसमावेशी…
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) February 11, 2026
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026-27 का यह बजट राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है और यह प्रदेशवासियों की आशाओं और आकांक्षाओं को पूरा करने की दिशा में एक मजबूत कदम है.
एक अन्य पोस्ट में उन्होंने कहा कि सुशासन, समावेशी विकास और जनकल्याण की नीतियों के जरिए उत्तर प्रदेश आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. उन्होंने बताया कि ई-बजट 2026-27 आत्मनिर्भर और विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प को नई दिशा, नई ऊर्जा और स्पष्ट कार्ययोजना देगा.
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के यशस्वी मार्गदर्शन में 'नया उत्तर प्रदेश' सुशासन, समावेशी विकास और जनकल्याण की नीति के साथ एक सशक्त, आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य के निर्माण की दिशा में निरंतर अग्रसर है।
आज उत्तर प्रदेश विधान मंडल में प्रस्तुत वित्तीय वर्ष 2026-27 का…
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) February 11, 2026
सीएम योगी ने कहा कि यह बजट राज्य को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ाएगा. इसमें गरीबों की गरिमा, युवाओं के आत्मसम्मान, मातृशक्ति के सशक्तिकरण और किसानों की समृद्धि को केंद्र में रखा गया है.
उन्होंने कहा कि यह बजट ‘विकसित भारत-2047’ के लक्ष्य और नए उत्तर प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव साबित होगा.
उत्तर प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 9 फरवरी को राज्यपाल के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ था और यह 20 फरवरी तक चलेगा.
