नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को कहा कि दुनिया एक अस्थिर दौर में प्रवेश कर रही है और अमेरिका का वैश्विक दबदबा अब चुनौती के दौर से गुज़र रहा है.
लोकसभा में बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने हाल ही में सरकार के आर्थिक सर्वेक्षण को देखा, जिसमें उन्हें दो महत्वपूर्ण और गहरे बिंदु नज़र आए.
उन्होंने कहा कि पहला अहम बिंदु यह है कि दुनिया इस समय बढ़ते भू-राजनीतिक संघर्ष के दौर से गुज़र रही है. अमेरिका की प्रमुखता को अब चीन, रूस और अन्य ताकतें चुनौती दे रही हैं. इससे साफ है कि दुनिया अब एक ध्रुवीय व्यवस्था से हटकर नई व्यवस्था की ओर बढ़ रही है.
राहुल गांधी ने कहा, “आर्थिक सर्वेक्षण में दो मजबूत और गहरे बिंदु हैं. पहला यह कि हम बढ़ते भू-राजनीतिक संघर्ष वाली दुनिया में रह रहे हैं. अमेरिका के दबदबे को चीन, रूस और अन्य शक्तियां चुनौती दे रही हैं.”
उन्होंने कहा कि दूसरा महत्वपूर्ण बिंदु यह है कि ऊर्जा और वित्त का इस्तेमाल अब हथियार की तरह किया जा रहा है. ऊर्जा और आर्थिक साधनों का उपयोग वैश्विक शक्ति संघर्ष में रणनीतिक तरीके से हो रहा है. सर्वे का मुख्य संदेश यह है कि दुनिया स्थिरता से अस्थिरता की ओर बढ़ रही है.
राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कुछ समय पहले कहा था कि युद्ध का दौर खत्म हो गया है, लेकिन मौजूदा हालात इसके उलट संकेत दे रहे हैं.
उन्होंने कहा, “यूक्रेन में युद्ध है, गाज़ा में युद्ध हुआ, मध्य पूर्व में तनाव है, ईरान में युद्ध का खतरा है. हमने ऑपरेशन सिंदूर भी देखा. साफ है कि हम अस्थिर दुनिया की ओर बढ़ रहे हैं.”
राहुल गांधी ने कहा कि अमेरिकी डॉलर और अमेरिका की सर्वोच्चता को भी चुनौती मिल रही है. दुनिया अब एक महाशक्ति वाली व्यवस्था से निकलकर एक नई और अनिश्चित वैश्विक व्यवस्था की ओर जा रही है, जिसका भविष्य अभी स्पष्ट नहीं है.
