मोतिहारी, 10 फरवरी (भाषा) जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के समर्थन में मंगलवार को कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा के दौरान कांग्रेस नेता को सदन में बोलने की अनुमति दी जानी चाहिए थी।
किशोर ने मोतिहारी में संवाददाताओं से कहा कि नेता प्रतिपक्ष को बोलने की अनुमति नहीं देना “लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है।”
राहुल गांधी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान लोकसभा में बोलने की अनुमति नहीं दी गई थी क्योंकि उन्होंने एक पत्रिका में प्रकाशित लेख का हवाला देने की कोशिश की थी, जिसमें पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे के अप्रकाशित संस्मरणों का उल्लेख था।
किशोर ने कहा, “देश ने केवल सत्तारूढ़ दल ही नहीं बल्कि विपक्ष को भी चुना है। राहुल गांधी लोकसभा में विपक्ष के नेता हैं और उन्हें संसद में बोलने का अधिकार है। अगर कही गई बात गलत होती, तो उसे कार्यवाही से हटाया जा सकता था लेकिन किसी को बोलने से रोकना लोकतंत्र के लिए हानिकारक है।”
जन सुराज पार्टी के प्रमुख किशोर ने पिछले महीने पटना में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) की एक अभ्यर्थी की मौत के मामले पर कहा, “हम इस घटना से जुड़े घटनाक्रम पर करीब से नजर रखे हुए हैं। पहले इस मामले की जांच जिला पुलिस ने की, फिर विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया और अंत में इसे सीबीआई को सौंप दिया गया।”
उन्होंने कहा, “एक बात स्पष्ट है कि जिला पुलिस ने सही जांच नहीं की, यही वजह है कि मामला सीबीआई को सौंपा गया।”
किशोर ने कहा कि इस मामले में कई प्रभावशाली लोगों की संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता।
जहानाबाद की रहने वाली छात्रा छह जनवरी को पटना के चित्रगुप्त नगर स्थित शंभू महिला छात्रावास में अचेत अवस्था में मिली थी।
कई दिनों तक कोमा में रहने के बाद 11 जनवरी को एक निजी अस्पताल में उसकी मौत हो गई।
परिवार ने छात्रा का यौन उत्पीड़न और अधिकारियों पर मामले को दबाने की कोशिश करने का आरोप लगाया था।
पुलिस ने छात्रावास के एक कर्मचारी को बाद में गिरफ्तार भी किया था।
भाषा कैलाश जितेंद्र
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