कराची, 10 फरवरी (भाषा) अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने भारत के खिलाफ टी20 विश्व कप मैच के बहिष्कार को समाप्त करने के बदले पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) को कुछ रियायतें देने का आश्वासन दिया है, लेकिन इन्हें टूर्नामेंट के समापन के बाद ही सार्वजनिक किया जाएगा। यह जानकारी मंगलवार को एक सूत्र ने दी।
पीसीबी के एक सूत्र ने पीटीआई से कहा, ‘‘बहिष्कार समाप्त करने पर आईसीसी से पीसीबी को जो भी रियायतें मिली हैं, उन्हें टी20 विश्व कप के खत्म होने के बाद ही सार्वजनिक किया जाएगा।’’
आईसीसी पहले ही यह घोषणा कर चुका है कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा और उसे 2028-2031 चक्र में एक आईसीसी टूर्नामेंट (संभावित रूप से अंडर-19 पुरुष विश्व कप) की मेजबानी भी दी जाएगी।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने 15 फरवरी को कोलंबो में होने वाले टी20 विश्व कप के भारत के खिलाफ ग्रुप लीग मुकाबले के बहिष्कार की घोषणा की थी। यह फैसला बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के समर्थन में लिया गया था। बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारत में अपने मैच खेलने से इनकार कर दिया था जिसके बाद उसे बाहर कर स्कॉटलैंड को उसकी जगह टूर्नामेंट में शामिल किया गया था।
श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुर कुमारा दिसानायके के हस्तक्षेप और व्यापक हितों को ध्यान में रखते हुए शाहबाज शरीफ से रुख बदलने के बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अनुरोध के बाद सोमवार रात मैच का बहिष्कार समाप्त हो गया।
एक अन्य सूत्र ने बताया, ‘‘श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुर कुमारा दिसानायके के फोन ने बहिष्कार खत्म कराने में बड़ी भूमिका निभाई। इसके अलावा सरकार और प्रतिष्ठान के कुछ शीर्ष लोगों की बातचीत भी अहम रही। ’’
यदि विश्व कप के बाद के चरणों में भारत और पाकिस्तान की फिर से भिड़ंत होती है तो वे उस मुकाबले को खेल सकते हैं, इसकी भी मंजूरी दी गई।
एक अन्य सूत्र ने बताया कि प्रधानमंत्री पीसीबी के संरक्षक भी हैं। उन्हें इस बात की जानकारी दी गई थी कि अगर सरकार भारत के खिलाफ नहीं खेलने की अधिसूचना जारी करती है तो पाकिस्तान को क्या हासिल हो सकता है।
सूत्र ने कहा, ‘‘आईसीसी की अब नकवी के साथ स्पष्ट समझ बन चुकी है कि पीसीबी, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड और कुछ अन्य बोर्ड के साथ हुई चर्चाओं का कोई भी विवरण सार्वजनिक नहीं किया जाएगा। ’’
हालांकि आईसीसी ने सोमवार को अपने बयान में यह पुष्टि की थी कि बांग्लादेश को उसके रुख के लिए दंडित नहीं किया जाएगा, लेकिन पीसीबी को गतिरोध समाप्त करने के बदले क्या मिलेगा, इस पर कोई जिक्र नहीं किया गया।
इस बात की अटकलें भी लगाई जा रही थीं कि नकवी आईसीसी से मिलने वाले राजस्व में पीसीबी की हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए दबाव बना रहे हैं।
लेकिन एक अन्य अंदरूनी सूत्र ने स्पष्ट किया कि ऐसा केवल अगले वित्तीय चक्र के लिए आईसीसी बोर्ड की मंजूरी के बाद ही संभव होगा।
सूत्र ने बताया कि चर्चाओं के दौरान नकवी ने यह बात रखी थी कि पाकिस्तान और भारत के बीच आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के तहत तटस्थ स्थलों पर ‘होम और अवे’ (घरेलू और प्रतिद्वंद्वी टीम की धरती पर) मैच नहीं खेले जाने का कोई कारण नहीं है क्योंकि दोनों टीम अन्य आईसीसी सीमित ओवरों के टूर्नामेंट तो खेल ही रही हैं।
हालांकि इसमें एक अड़चन भी है। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल ही एकमात्र प्रत्यक्ष आईसीसी टूर्नामेंट है जबकि इसके लिए खेली जाने वाली बाकी सभी श्रृंखला द्विपक्षीय होती है जिनके लिए अंक दिए जाते हैं।
भाषा नमिता आनन्द
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