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Tuesday, 10 February, 2026
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संभल के तत्कालीन सीओ की याचिका पर सुनवाई मंगलवार को जारी रहेगी

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प्रयागराज (उप्र), नौ फरवरी (भाषा) संभल के तत्कालीन पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) अनुज चौधरी की याचिका पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय में सुनवाई मंगलवार को जारी रहेगी।

चौधरी ने तत्कालीन मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के नौ जनवरी के उस आदेश को चुनौती दी है जिसमें चौधरी समेत कई पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया गया था।

उत्तर प्रदेश सरकार ने भी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के इस आदेश को चुनौती देते हुए एक याचिका दायर की है। इन दोनों ही याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई की जा रही है।

सोमवार को इस मामले में सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश के अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने दलील दी कि उक्त आदेश पारित करते समय तत्कालीन मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) ने बीएनएस के अनिवार्य प्रावधानों का अनुपालन नहीं किया।

इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति समित गोपाल द्वारा की जा रही है।

तत्कालीन मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विभांशु सुधीर ने आलम नामक एक युवक के पिता यामीन द्वारा बीएनएसएस की धारा 173 (4) के तहत दिये गये आवेदन स्वीकार कर लिया था।

इस आवेदन में यामीन ने आरोप लगाया था कि 24 नवंबर, 2024 को सुबह करीब पौने नौ बजे आलम जामा मस्जिद के पास ठेले पर ‘रस्क’ और बिस्किट बेच रहा था, तभी नामजद पुलिस अधिकारियों ने अचानक भीड़ पर गोली चलानी शुरू कर दी थी।

संभल के क्षेत्राधिकारी अनुज चौधरी और कोतवाली प्रभारी अनुज कुमार तोमर को इस आवेदन में नामजद किया गया था। सीजेएम सुधीर ने अपने 11 पेज के आदेश में कहा था कि पुलिस आपराधिक कृत्यों के लिए आधिकारिक कर्तव्य की आड़ नहीं ले सकती।

उच्चतम न्यायालय के निर्णयों का संदर्भ लेते हुए सीजेएम ने कहा था कि एक व्यक्ति पर फायरिंग को आधिकारिक कर्तव्यों का निर्वहन नहीं माना जा सकता।

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने कहा था कि उचित जांच के जरिए ही सच्चाई सामने आ सकती है।

भाषा सं राजेंद्र राजकुमार

राजकुमार

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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